तीर्थराज मचकुंड सरोवर का पानी दूषित
लोगोंकी आस्था केंद्र तीर्थराज मचकुंड का पवित्र सरोवर दुर्दशा की कगार पर है। लंबे समय से सरोवर की सफाई होने की वजह से पानी काला पड़ गया है और इसमें से दुर्गंध उठने लगी है। वहीं पूरे सरोवर में काई का आवरण सा बनता जा रहा है। आलम यह है कि दूर दराज से आस्था और विश्वास के साथ यहां स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का सरोवर की हालत देखकर ही विश्वास टूटता नजर रहा है। यह स्थिति उस समय है जब नगर परिषद की ओर से सरोवर की सफाई का ठेका दिया गया है।
गौरतलब है कि पवित्र सरोवर में स्नान करने एवं यहां विभिन्न मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए बहुत दूर दूर से श्रद्धालु आते है। इसके अलावा आए दिन देशी विदेशी पर्यटकों का जत्था भी यहां आता रहता हैं। इन्हीं बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए कुछ साल पहले तत्कालीन जिला कलेक्टर के निर्देश पर नगर परिषद ने साफ सफाई का बीड़ा उठाया था। तब से हर साल मचकुंड परिसर एवं पवित्र सरोवर की सफाई के लिए ठेका दिया जाता है। यह ठेका इस साल भी हुआ है, लेकिन मॉनिटरिंग नहीं होने की वजह से अब तक एक बार भी ढ़ंग से सफाई नहीं हुई। इधर, तीन चार महीने से सफाई कर्मियों ने घाटों पर से काई छानना भी बंद कर दिया है। ऐसे में पूरे सरोवर में काई का आवरण सा बन गया है। वहीं सरोवर के अंदर गंदगी भरने की वजह से पानी काला नजर आने के साथ इसमें से बदबू आने लगी है।
सरोवर में गंदगी की वजह से दो दिन में ही इसमें कीड़े पड़ जा रहे है। ऐसे हालात में लोग अब यहां से पानी ले जाना भी मुनासिब नहीं समझते। बताते चले कि हाल तक इस सरोवर का पानी लोग पूजा आदि कार्यों के लिए ले जाते थे। लेकिन अब यह पानी सरोवर से निकालने के बाद दो दिन के अंदर ही इसमें कीड़े पड़ जा रहे है। इस दुर्दशा के कारण कई बार लोग सरोवर के किनारे आने के बाद भी यहां नहाने से परहेज करते देखे जा सकते है।
धौलपुर. सफाई नहीं होने से मचकुंड सरोवर में पसरी गंदगी।