मुख्य सचिव ने लिया मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान का फीडबैक
मुख्यसचिव सीएस राजन ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेस से मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान का सभी जिला कलेक्टरों से फीडबैक लिया तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रस्तावित और स्वीकृत कार्य के मौके पर जाकर एक बार पुनः इसकी उपयोगिता जांच लें। एनीकट और चैक डेम जैसे बड़े कामों की बजाय मिनी परकोलेशन टैंक जैसे कार्यों पर ज्यादा जोर दें। दो दिन के भीतर रिवाइज्ड डीपीआर तैयार कर इसमें स्वीकृत कार्यों की वित्तीय स्वीकृति जारी करें तथा सभी कार्य 15 जून तक करवाना सुनिश्चत करें। जिला कलेक्टर शुचि त्यागी ने बताया कि समेकित जल ग्रहण प्रबन्धन परियोजना में 1767 और नरेगा में 586 कार्य स्वीकृत हुए हैं। कलेक्टर ने जिले के भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए फार्म पोण्ड की गहराई में छूट देकर न्यूनतम 2 मीटर रखने का आग्रह किया। जिस पर मुख्य सचिव ने समुचित कार्रवाई का भरोसा दिया। कलेक्टर ने भरतपुर जिला मुख्यालय स्थित एनआईसी से फीडबैक दिया। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद एडीएम को अभियान की समीक्षा करने तथा मुख्य सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए सम्बन्धित अधिकारियों की बैठक लेने के निर्देश दिए। इसकी पालना में एडीएम ने शाम को जिला परिषद में उपखण्ड अधिकारियों, विकास अधिकारियों तथा सभी लाइन विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। प्रत्येक कार्य की फोटो, देशान्तर और अक्षांश भुवन पोर्टल पर अपलोड करने, दो दिन में रिवाइज्ड डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए। अन्तिम डीपीआर में भौगोलिक स्थिति, जल बहाव, उपयोगिता, लागत का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए।
धौलपुर। वीडियो कॉन्फ्रेस में मौजूद अधिकारी।