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मचकुंड में खुलेगा जिले का पहला वेद विद्यालय
तीर्थराजमचकुंड को अब वैदिक शिक्षा के लिए भी जाना जाएगा। यहां रोज सुबह शाम वेद की ऋचाओं की स्वर लहरिया उठा करेंगी। इस उदे्श्य के तहत श्री जगतगुरु शंकराचार्य वेद विज्ञान शोध संस्थानम ने वेद विद्यालय खोलने का निर्णय लिया है। यह विद्यालय मचकुंड स्थित शिवानंद आश्रम में संचालित होगा। इसके लिए लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है। 27 सितंबर को अश्विन शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि के अवसर पर इसका विधिवत उद्घाटन कर पठन पाठन का काम शुरू कर दिया जाएगा। यह जानकारी संस्थान के संचालक शिवानंद जी महाराज ने दी।
उन्होंने बताया कि वेद विद्यालय की स्थापना संस्थानम के तृतीय सोपान के तहत किया जा रहा है। शुरुआती दौर में इस विद्यालय में यजुर्वेद संहिता, याज्ञवल्क्य संहिता, व्याकरण, यज्ञकुंड मंडप सिद्धि, ज्योतिष विज्ञान एवं आयुर्विज्ञान समेत विभिन्न पाठ्यक्रम पढ़ाए जाएंगे। इसमें पाठ्यक्रमों का चयन खासतौर पर वैदिक कर्मकांडों की लुप्त होती गुप्त विद्या के संरक्षण एवं संवर्धन को ध्यान में रखकर तय किया गया है। इन पाठ्यक्रमों को पढ़ाने के लिए योग्य आचार्यों का चयन हो गया है। गौरतलब है कि कुछ वर्ष पहले तक मचकुंड में एक संस्कृत विद्यालय हुआ करता था। उस विद्यालय के होने से तीर्थ स्थल पर पूरे दिन वैदिक श्लोक गूंजते रहते थे। उस समय पूरा मचकुंड क्षेत्र सुनसान रहता था और असामाजिक तत्वों की वजह से सुरक्षित भी नहीं था, ऐसे में प्रदेश सरकार ने उसे अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया था। उसके बाद से कई बार उस विद्यालय को पुर्नस्थापित करने की मांग उठ चुकी है।
वेद विद्यालय में पांच वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए प्रवेश प्रक्रिया 18 सितंबर से शुरू होगी। प्रवेश प्रक्रिया सितंबर माह में पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद अक्टूबर महीने के शुरू में ही पठन पाठन का काम शुरू कर दिया जाएगा। स्वामी शिवानंद महाराज के मुताबिक कक्षाएं दो पारियों में दो दो घंटे के लिए लगेंगी। सुबह की पाली में ब्रह्म मुहूर्त में कक्षा शुरू होगी तो शाम की पाली में संध्योपासना के साथ कक्षाएं शुरू होंगी।
आवासीय होगा विद्यालय
यहविद्यालय पूर्णत: आवासीय होगा और इसमें धौलपुर के अलावा देश के किसी भी हिस्से से छात्र प्रवेश ले सकेंगे। इन छात्रों को विद्यालय में शिक्षा, भोजन, आवास एवं वस्त्र की सुविधा मुफ्त दी जाएगी। पांच वर्षीय इस पाठ्य क्रम में प्रवेश के लिए योग्यता भी