कलेक्ट्रेट पर ग्रामीणों का प्रदर्शन
पंचायतसमिति बसेड़ी के गांव बीलौनी के सैंकड़ों ग्रामीणों ने गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन कर परिसीमन को निरस्त किए जाने की मांग को लेकर धरना दिया। धरना देने से पहले ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर कुमारपाल गौतम को ज्ञापन सौंपा। जिसमें लिखा है कि ग्राम पंचायतों के हुए परिसीमन में गांव बीलौनी को ग्राम पंचायत मुख्यालय बनाया जाना तय हुआ था, जिसमें गांव मैढारी, कृष्णापुरा, समानपुरा, कन्हैयापुरा, उर्दूपुरा, सिद्धपुरा आदि गांवों के ग्रामीणों ने भी बीलौनी को ग्राम पंचायत मुख्यालय बनाया जाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन नए परिसीमन के तहत बीलौनी को ग्राम पंचायत मुख्यालय बनाए जाने की जगह उसे अन्य ग्राम पंचायत मुख्यालय में जोड़ा जाना प्रस्तावित कर दिया है। जो नियम विरूद्ध है। क्योंकि राजस्थान पंचायती राज अधिनियम १९९४ के अनुसार बीलौनी गांव सभी मापदंडों को पूरा करता है। इसके साथ ही शासन उपसचिव विधि के आदेशानुसार पंचायत का मुख्यालय राजस्व ग्राम में रखा जाए तो आबादी की दृष्टि से सबसे बड़ा है तथा गांव में सरकारी कार्यालय बनाए जाने के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। लेकिन राजनैतिक षड्यंत्र के कारण गांव बीलौनी से ग्राम पंचायत मुख्यालय हटाए जाने के परिसीमन के तहत प्रस्तावित गया गया है। जो अनुचित एवं नियमों के विपरीत है। ज्ञापन में लिखा है कि यदि बीलौनी को परिसीमन के तहत अन्य ग्राम पंचायत मुख्यालय में जोड़ा जाता है तो ग्रामीण प्रशासन के इस निर्णय के खिलाफ विरोध करने के साथ साथ आमरण अनशन कर प्रशासन के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा।
गुरुवार को सुबह गांव बीलौनी के करीब २५० ग्रामीण बसों में सवार होकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंच। जहां पर उन्होंने जिला कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन कर धरना दिया और नारेबाजी कर बीलौनी को परिसीमन के तहत अन्य ग्राम पंचायत में जोडऩे के प्रस्ताव का विरोध कर उक्त परिसीमन को निरस्त किए जाने की मांग की।
धरना देने वालों में सियाराम, आदीराम, शंकर सिंह, मोतीलाल, सरदार सिंह, भंवरलाल, रामचंद, गुटूलाल, अमृतलाल, अल्लादीन, मदोरी, मनीराम, कृष्णा, शिवनारायण, हीरालाल, भगवान सिंह मीणा, लोकेश मीणा आदि शामिल थे।
धौलपुर. गांव बीलौनी को परिसीमन के तहत अन्य गांव में जोड़ने के विरोध में जिला कलेक्ट्रेट पर धरना देते ग्रामीण।