पानी का सदुपयोग कर बचत करने की जरूरत
जिलाविधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जल संरक्षण एवं जल संसाधन के विषय पर मां शारदे विद्यापीठ धौलपुर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन िकया गया।
जिसमें पैनल अधिवक्ता प्रमोद शर्मा एवं वीरेन्द्र उपाध्याय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कनिष्ठ लिपिक राहुल प्रजापति, विद्यालय निदेशक संग्राम पण्डित, प्रधानाचार्य डीडी चौधरी, अध्यापक देव शर्मा, सतेन्द्र त्यागी, संजय सक्सेना सहित बालक-बालिकाओं ने भाग लिया। एडवोकेट प्रमोद शर्मा ने बालकों को बताया िक विकास के नए तौर तरीकों में पानी के इस्तेमाल के बीच हम यह भूलते जा रहे हैं। आने वाले दिनों में पानी कहां से आएगा। लगातार हैडपंप और बोरवेल लगाये जाने से तत्कालिक समस्या तो दूर हो जाती है, लेकिन इससे भूजल स्तर और नीचे चले जाने से एक बड़ी तबाही हमारे सामने सकती है।
भूजल स्तर के नीचे जाने से देश के अलग-अलग हिस्सों से धरती फटने की लगातार घटनाएं घट रही हैं और ये हमारे प्रकृति दोहन का एक हिस्सा है। आजादी के कई सौ बरस पुराने बांध तोड़ दिये गये, इनसे कई सौ बीघा जमीनों को सींचा जाता था, बांधों तोड़कर उनको आवास के लिए उपयोग में लिया गया जिससे बारिश का पानी उपयोग में ना लिया जाकर नालों में पूरी तरह ब्यर्थ बह जाता है। तथा जंगलों की कटाई लगातार की जा रही है, जिससे बारिश का समय चक्र पूरी से बिगड़ गया है।
हमें पानी का सदुपयोग करते हुये उसके बचत की शुरूआत अपने घर से ही करनी होगी। यह सुनिश्चित करना होगा िक पानी का अपव्यय ना हो तथा अपने आस-पास के लोगों को समझाना होगा िक पानी की बर्बादी ना करें। वीरेन्द्र उपाध्याय एडवोकेट ने बताया िक जल को संरक्षित करना भी आवश्यक है।
धौलपुर. शिविर में मौजूद अतिथि छात्र-छात्राएं।