सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठंड
धौलपुर. शनिवारको हुई बारिश के बाद पूरा जिला भयंकर ठंड की चपेट में है। न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 7.2 डिग्री तक पहुंच गया है। वहीं अधिकतम तापमान गिरावट के साथ रविवार को 20.5 दर्ज किया गया। रविवार की दोपहर में भी कंपकपी का एहसास हुआ।
सुबह वातावरण में घना कोहरा था, वहीं पूरे दिन धुंध एवं बादल छाए रहे। वहीं शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक ओस भी गिरी। वहीं कुछ इलाकों में रात के समय हल्की बारिश भी हुई। सुबह से बादल छाए रहने के कारण दिनभर धूप नहीं खिली। गौरतलब है कि दो दिन पहले न्यूनतम तापमान 11 डिग्री एवं अधिकतम तापमान 27 डिग्री था।
बसईनवाब. शनिवारको क्षेत्र में हुई जोरदार बारिश के बाद मौसम में ठंडक बढ़ी है। रविवार को दिन भर सर्द हवाओं ने लोगों को खूब ठिठुराया सर्दी से बचाव के लिए लोगों ने दिन भर अलाव जलाकर समय व्यतीत किया। हालांकि रविवार काे अवकाश की वजह से बच्चे घरों में दुबके रहे। दिन भर धूप नहीं निकलने के कारण मौसम में काफी ठंडक रही। कस्बा के मनियां सड़क मार्ग पर राजीव गांधी सेवा केन्द्र के सामने बारिश का पानी जमा होने के कारण भारी परेशानी उठानी पड़ी।
धौलपुर. धुंध के बीच स्टेशन से गुजरती ट्रेन।
आलू और गेहूं के लिए बरसा सोना
गेहूं,आलू और सरसों की बुवाई के बाद किसान पहली सिंचाई के लिए परेशान हो रहे थे। बिजली की कटौती एवं नहरों में पानी की आवक नहीं होने से उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही थी। वहीं कई जगह किसान अब प्रदर्शन के मूड में गए थे। ऐसे हालात में शनिवार को हुई बारिश ने किसानों के साथ ही प्रशासन की भी मुश्किलें हल कर दीं हैं। किसानों के मुताबिक इस बार आसमान से उनके लिए पानी के रूप में सोना ही बरसा है।
कायम हैं दिसंबर में सर्दी के पुराने रिकार्ड
>सबसेठंडा दिन 1989 और 1992 में दर्ज किया गया, जब पारा 11.4 डिग्री तक पहुंच गया।
> सबसे ठंडी रात 27 दिसंबर 1961 और 25 दिसंबर 1973 रही, जब पारा 0 डिग्री दर्ज हुआ।
>सबसे ज्यादा बारिश का रिकार्ड 1980 के नाम पर है, जब दिन भर में 19.3 मिमी बारिश हुई।
> दिसंबर के महीने में सबसे ज्यादा बारिश 1997 में हुई, जब 37 मिमी बारिश दर्ज की गई।