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स्कूलों में लाइब्रेरी की पुस्तक पढ़ना जरूरी
सरकारीस्कूलों के बच्चों को अब स्कूलों की लाइब्रेरी से माह में एक किताब लेकर पढ़ना अनिवार्य हो गया है। संयुक्त शासन सचिव (प्रारंभिक शिक्षा विभाग) ने बच्चों में पढ़ने की प्रवृत्ति विकसित करने के लिहाज से इस तरह के निर्देश जारी किए हैं।
सर्वशिक्षा अभियान स्कूलों में यह व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है। इसके तहत स्कूलों में स्थित लाइब्रेरी को सही ढंग से संचालित करने के लिए सभी संस्था प्रधानों को आदेश जारी किए गए हैं। आदेश में कहा है कि सभी राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूलों में लाइब्रेरी तो स्थापित कर दी है, लेकिन इसका समुचित तरीके से उपयोग नहीं हो पा रहा है।
स्कूलों में जो बच्चे पढ़ते हैं उनका जनरल नॉलेज अच्छा होना चाहिए। जबकि ऐसा देखने में नहीं रहा है। कई स्कूलों में तो लाइब्रेरी साल भर भी नहीं खुल पाती है। इसके चलते यहां रखी किताबों की धूल नहीं हट पाती है। उन्होंने आदेश दिए हैं कि अब प्रत्येक स्टूडेंट को माह में लाइब्रेरी से न्यूनतम एक किताब ईश्यू की जाएगी। जिन बच्चों को किताबें ईश्यू होंगी उनकी रजिस्टर में एंट्री भी रहेगी। इसकी सूचना डीईओ ऑफिस भी भेजना अनिवार्य होगा। एडीपीसी कुंतल ने बताया कि पुस्तकालय कालांश की व्यवस्था के तहत छात्रों को ज्ञानवर्धक, प्रेरणास्पद कहानियां, खेलकूद इत्यादि पुस्तकें वितरित की जाएंगी। जिनमें देश की एकता, अखंडता का संदेश हो और बच्चों के विकास में भी सहायक हों।
डीईओ कार्यालय जाएगा ईश्यू बुक का सार
जोभी किताबें बच्चों को ईश्यू होगी। उन किताबों का सार भी डीईओ कार्यालय में जाएगा कि किस बच्चे ने किस तरह की बुक्स की मांग की है। डीईओ यह सुनिश्चित करेंगे कि जो स्टूडेंट्स बुक्स पढ़ लेंगे उनसे प्रार्थना सभा में उस बुक्स के बारे में राय भी जानी जाएगी।
विद्यार्थियों में पढ़ने की प्रवृत्ति विकसित करने की कवायद शुरू, संयुक्त शासन सचिव ने दिए आदेश
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