ऑटो बिगाड़ रहे शहर की यातायात व्यवस्था
शहरमें यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। वाहन चालक ट्रैफिक नियमों की सख्ती से पालना नहीं करते दिख रहे तो यातायात पुलिस इसे सुधारने में सिर्फ चालान ही बनाकर ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने का दावा करती है। जबकि हकीकत कुछ और है।
शहर में यातायात नियमों की पालना करने के लिए कोई विशेष योजना अमल में ही नहीं लाई जा सकी है। शहर में यातायात व्यवस्था को बिगाड़ने में काफी हद तक ऑटो चालकों का बेतरतीब संचालन जिम्मेदार माना जा सकता है। ऑटो चालक शहर की हर गली चौराहों से बाजारों में प्रवेश कर ट्रैफिक नियमों की तो धज्जियां उड़ा रहे हैं। इन पर अंकुश लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस भी बेदम साबित होती दिख रही है। शहर के लोगों का कहना है कि यातायात विभाग इस ओर गंभीर नहीं है। जबकि ज्यादातर यातायात पुलिस कर्मी हाईवे पर तैनात खड़े देखे जा सकते हैं। अगर सख्ती है तो वाहनों के नो एंट्री जोन में प्रवेश के बाद जाम की स्थिति क्यों। वहीं बाजार में दुकानदारों द्वारा दुकानों के आगे बैंच तखत लगाकर बिगड़ी यातायात व्यवस्था को और बिगाड़ते देखे जा रहे हैं। जिसे रोकने के लिए नगरपरिषद भी इस ओर से अनभिज्ञ नजर दिख रही है।
शहर के हनुमान तिराहा सहित कई इलाकों में सुबह 8 बजे बाद भारी वाहनों की नो-एंट्री रहती है। लेकिन भारी वाहन चालकों को इससे कोई सरोकार नहीं दिखता है। वे दिन के वक्त भी इन जगहों से निकलना बंद नहीं करते हैं। अगर ट्रेफिक पुलिसकर्मी की थोड़ी सी चूक हो जाती है तो यह तेजी से वाहनों को बाजारों में से ले जाते हैं। हाल यह कि दिन में कई मर्तबा जाम के हालात बन जाते हैं। वहीं दुकानदारों के माल लाने वाले वाहन भी दिन में किसी भी वक्त बाजारों में प्रवेश कर माल उतारते हैं। इस कारण जाम की स्थिति घंटों घंटों तक रहती है।
नवंबरमें 1100 वाहनों के चालान काटे: ट्रेफिकपुलिस के अनुसार नवंबर माह में कुल 1100 वाहन चालकों के चालान काटे गए, जिसमें ट्रक, बिना नंबरी वाहन, प्रेशर हार्न बजाने वाले वाहन सहित 200 ऑटो चालकों के चालान काटे गए हैं। इसमें हैलमेट का शहर में वाहन चालक उपयोग ही नहीं करते हैं तो तेज गति से वाहन चलाने वाले वाहनों की चैकिंग के लिए विभाग को मिली इंटरसैप्टर मशीन खराब पड़ी है। ऐसे में ट्रेफिक पुलिस ट्रेफिक नियमों को तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ रोजाना हाईवे, चौराहों पर कार्रवाई की जाती है। जबकि या