प्रदेश के सवा करोड़ असंगठित मजदूरों का तैयार होगा डाटा
श्रम,कौशल और नियोजन राज्य मंत्री सुरेन्द्रपाल सिंह टीटी ने कलेक्ट्रेट में अपने विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा 1 मई से पूरे प्रदेश में लगभग सवा करोड़ असंगठित मजदूरों के रजिस्ट्रेशन के अभियान का शुभारम्भ किया गया है। विभाग द्वारा हाल ही में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आने वाले एक करोड़ से अधिक हिताधिकारियों को असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का दर्जा दे दिया गया है। भामाशाह कार्ड में जिन मजदूरों ने व्यवसाय के कॉलम में खुद को असंगठित मजदूर दर्ज किया है उनका रजिस्ट्रेशन करके पूरे प्रदेश में डाटा बेस तैयार किया जा रहा है।
असंगठित मजदूरों में वो सभी लोग आते हैं, जो खेती का काम करते हैं, घरों में कामवाली बाई या नौकर के तौर पर काम करते है अथवा जिनकी सालाना आय 1.20 लाख से कम है। इनमें रिक्शा, ट्रक चालक, खलासी, दुकानों में काम करने वाले कर्मचारी, कुली, ठेकेदारों की लेबर आदि शामिल है। नरेगा या अन्य निर्माण कार्य शेष| पेज 16
प्रदेश के सवा करोड़...
मेंवर्ष में न्यूनतम 90 दिन कार्य करने वाले भवन निर्माण श्रमिक योजना में पात्र हैं। इनका पंजीयन अब ग्राम पंचायत और मित्र पर भी हो रहा है। जिला कलेक्टर शुचि त्यागी ने विभाग की जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पेश की तथा सभी पंचायत समिति विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों के पंजीयन में संवेदनशीलता से कार्य करें। उन्होंने ग्राम सेवकों की आमुखीकरण कार्यशाला करवाने के निर्देश दिए। जिला प्रमुख डाॅ. धर्मपाल सिंह ने बताया कि सिलकोलिस बीमारी की पहचान होते ही मरीज को इलाज आवागमन, खानपान के लिए 1 लाख रुपए दिए जाते हैं। मृत्यु की स्थिति में आश्रित को 3 लाख रुपए दिये जाते हैं। बैठक में भाजपा के प्रदेश मंत्री जगमोहन सिंह बघेल, भाजपा जिलाध्यक्ष बहादुर सिंह त्यागी,
जिला परिषद सीईओ रामस्वरूप मीणा, एडीएम अनिल कुमार सहित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
धौलपुर. महिला को चेक देते मंत्री।
महिला श्रमिकों को दिए प्रसूति सहायता राशि के चैक
धौलपुर. कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक लेते मंत्री टीटी।