भागवत कथा का आयोजन

4 वर्ष पहले
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धोरीमन्ना | रावोंकी बेरी स्थित हुकमाराम की ढाणी में शुक्रवार से सात दिवसीय भागवत कथा का आयोजन शुरू हुआ। कथा के पहले दिन पंडित ओमप्रकाश ने कथा के महत्व और श्रवण के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कथा श्रवण जन्म-जन्मांतर के पुण्य का फल है। जैसे गंगाजल पुराना नहीं होता, वैसे ही कथा भी कभी पुरानी नहीं होती। उन्होंने कहा कि कथा श्रवण से तीन प्रकार के पापों का निवारण होता है और धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। जैसे सब नदियों में गंगा श्रेष्ठ है, उसी तरह 18 पुराणों में श्रीमद् भगवद् श्रेष्ठ है। इससे पूर्व वेद मंत्र से भागवत कथा का पूजन किया गया।

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