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राजस्व मंत्री ने लगाई नहरी अधिकारियों को फटकार
राजस्वमंत्री अमराराम चौधरी ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक में नर्मदा नहर परियोजना से जुड़े अधिकारियों को फटकार लगाई। चौधरी ने कहा कि धोरीमन्ना और गुड़ामालानी क्षेत्र में नर्मदा नहर का पानी खेतों में घुसने की किसानों की शिकायत पर कहा कि किसान पानी से परेशान है। नर्मदा नहर परियोजना से जुड़े अधिकारियों को कहा कि वितिरिकाओं के क्षतिग्रस्त होने से पानी खेतों में घुस रहा है और किसानों की फसले बर्बाद हो रही है। मंत्री ने कहा कि नहर परियोजना का सेड़वा और रामसर क्षेत्र में कार्य समयावधि में पूरा क्यों नहीं हो रहा है। जिस समय तक कार्य पूरा होना चाहिए था वह अभी तक अधूरा पड़ा है।
बैठक में चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की ओर से सुराज संकल्प यात्रा के दौरान जिले के विकास से जुड़ी योजनाओं तथा आम जन द्वारा रखी गई मांगों के क्रियान्वयन एवं समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए संवेदनशीलता दिखाते हुए सभी जिला मुख्यालयों पर बैठकों का आयोजन कर प्रत्येक जन परिवेदनाओं पर गंभीरता पूर्वक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है।
उन्होंने जिले में पेयजल की समस्या के समाधान के लिए पेयजल परियोजनाओं, घर-घर विद्युतीकरण, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत एवं विस्तार, जल संरक्षण के लिए चेक डेम संबंधी प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भिजवाने के निर्देश दिए। बैठक में सिवाना विधायक हमीरसिंह भायल, बायतु विधायक कैलाश चौधरी ने अपने क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया तथा जिले के विकास से जुडे़ सुझाव रखे। जर्जर सड़कों की प्राथमिकता से मरम्मत कराने को कहा। बैठक में जिला कलेक्टर मधुसूदन शर्मा,पुलिस अधीक्षक परिस देशमुख, अतिरिक्त जिला कलक्टर ओ. पी.बिश्नोई, मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोपालराम बिरदा, भूमि अवाप्ति अधिकारी नखतदान बारहठ, प्रधान एवं अन्य उपस्थित थे।
बाड़मेरमें खुलेगी जीरा मंडी
गौरतलबहै कि दैनिक भास्कर ने पहल करते बाड़मेर में जीरा मंडी की आवश्यकता को लेकर प्रमुखता से खबर उठाई थी। 19 फरवरी 2014 को हजारों टन उत्पादन, फिर भी जीरा मंडी नहीं शीर्षक से खबर प्रकाशित कर जनप्रतिनिधियों और सरकार का ध्यान आकर्षित करवाया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों की ओर से काफी समय से जीरा मंडी की मांग उठ रही थी।
बुधवार को राजस्व मंत्री अमरा राम चौधरी ने कलेक्टर से जीरा मंडी का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि बाड़मेर में हजारों टन उत्पादित होता है, लेकिन उससे मिलने वाले राजस्व का लाभ गुजरात कमा रहा है। ऐसे में यहां के किसानों के लिए मंडी की आवश्यकता है।
बाड़मेर कलेक्ट्रेट मे बैठक मे मौजूद अधिकारी जनप्रतिनििध।