पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • धोरीमन्ना में बाजार बंद, हाइवे चार घंटे जाम

धोरीमन्ना में बाजार बंद, हाइवे चार घंटे जाम

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज | धोरीमन्ना / बाड़मेर

बसस्टैंड पर एक युवक की नृशंस हत्या के विरोध में मंगलवार धोरीमन्ना बंद रहा गुस्साए लोगों ने हाइवे पर जाम लगाया। हत्या की घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने आरोपियों को गिरफ्तार करने का अल्टीमेटम दिया था और गिरफ्तारी नहीं होने पर बंद और रास्ता रोकने की चेतावनी दी थी। आरोपियों की गिरफ्तारी की जिद पर अड़े लोग दोपहर 12 बजे तक हाइवे पर डटे रहे। इससे एकबारगी माहौल गरमाया। सूचना मिलने पर एसपी हेमंत शर्मा, कलेक्टर भानुप्रकाश एटुरू मौके पर पहुंचे। काफी देर तक समझाइश और आरोपियों कि गिरफ्तारी के आश्वासन पर लोग शांत हुए।

धोरीमन्ना बस स्टैंड पर सोमवार रात्रि 9.15 बजे मदाराम देशांतरी वगैरह आठ-दस जनों ने बाबूलाल पुत्र पूनमाराम विश्नोई निवासी शिव मंदिर नेडीनाडी पर जानलेवा हमला करते हुए चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी थी। इस घटना की सूचना मिलते ही कस्बे में दहशत फैल गई। पुलिस थाना धोरीमन्ना में बंशीलाल पुत्र पूनमाराम विश्नोई निवासी नेडी नाडी ने मामला दर्ज करवाया।

मंगलवार सुबह सात बजे अस्पताल पर लोगों की भीड़ जमा होने लगी। प्रतिनिधि मंडल ने पुलिस को आरोपियों को गिरफ्तार करने का अल्टीमेट दिया। नौ बजे तक इंतजार के बाद आक्रोशित लोग हाइवे पर पहुंचे और जाम लगाया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार करने की जिद पर अड़े रहे। स्थानीय अधिकारियों की समझाइश के बावजूद लोगों ने हाइवे से जाम नहीं हटाया। इधर, माहौल गरमाने की सूचना मिलने पर कलेक्टर भानुप्रकाश एटूरू, एसपी हेमंत शर्मा मौके पर पहुंचे और लोगों से समझाइश की। पांच थानाधिकारियों की अलग अलग टीमें गठित कर आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। इस पर परिजनों की सहमति के बाद हाइवे से जाम हटा दिया। शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंपा दिया।

बाजारबंद, कस्बे में दहशत

कस्बेमें युवक की हत्या की घटना को लेकर व्यापारियों ने मंगलवार को अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। इस बंद के दौरान किसी का दबाव सामने नहीं आया, लोगों ने स्वत: ही बाजार बंद किए। हाइवे जाम के बाद बड़ी तादाद में पुलिस के जवान तैनात किए गए। शव उठाने तक कस्बे में खामोशी छाई रही।

वेचाकुओं से गोदते रहे, लोग देखते रहे

कस्बेके मुख्य चौराहे पर सोमवार रात्रि 9.15 बजे बाबूलाल अपनी गाड़ी में बैठा था। इस दौरा