उपचार के अभाव में दो घायल हिरणों की मौत
भास्कर संवाददाता | धोरीमन्ना
वनविभाग में इलाज के अभाव में दो हिरणों की मौत हो गई। गौरतलब हैं कि गुरुवार शाम को समीपवर्ती अजाणियों की ढाणी में आवारा कुत्तों ने हिरण को घायल कर दिया था।
वन्य जीव प्रेमी इसे वन विभाग लेकर आए, वहां अधिकारी कर्मचारी नदारद मिले। वन्य जीव प्रेमियों ने हिरण को प्राथमिक उपचार कर चौकी के कमरे में छोड़ दिया। हिरण को ठीक से उपचार नहीं मिलने के कारण देर रात हिरण ने दम तोड़ दिया। इसी प्रकार शुक्रवार सुबह नेड़ीनाडी सरहद में कुत्तों ने हिरण को घायल कर दिया। वन्य जीव प्रेमी सुरेश ढाका हिरण को वन विभाग लाए। विभागीय अधिकारी कर्मचारी नदारद मिले और हिरण ने उपचार के अभाव में हिरण ने दम तोड़ दिया। वन्य जीवों की सुरक्षा के प्रति महकमे के उपेक्षात्मक रवैये से वन्यजीव प्रेमी आहत महसूस कर रहे हैं। आक्रोशित वन्यजीव प्रेमियों का कहना था कि वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी अपने कर्तव्य से विमुख हो रहे हैं।
बिश्नोई बाहुल्य होने के कारण यहां लोगों का हिरणों के प्रति विशेष लगाव है। गत दो-तीन वर्षों में हिरणों की संख्या घटने लगी है। ग्रामीण भंवरलाल भादू ने बताया कि हिरणों की संख्या घटना चिंता का विषय है। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में हिरण को बचाने के लिए गांव में स्थाई तौर पर चिकित्सक का प्रबंध किया जाए। जीव रक्षा बिश्नोई सभा के लोगों ने धोरीमन्ना के आस पास के क्षेत्रों में कुत्तों को पकड़वाने की मांग की है।