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ध्वजारोहण और जयकारों से कल्पद्रुम महामंडल विधान शुरू

7 वर्ष पहले
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डूंगरपुर. उपाध्यायमुनि उदारसागरजी महाराज के सानिध्य में ऐतिहासिक कल्पद्रुम महामंडल विधान का शुभारंभ ध्वजारोहण, पांडाल, समवशरण का उद्घाटन के साथ हुआ। उपाध्याय उदार सागरजी महाराज, उपशांत सागरजी महाराज, उत्कर्ष सागरजी महाराज के सानिध्य में धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ हुए। धनपालजी वोरा ने ध्वजारोहण किया। अखंड दीप रतनलाल कासलीवाल परिवार ने लिया। शोभा भगवतीलाल जैन थाणा वालों ने पांडाल उद्घाटन किया। इसके बाद 22 फीट ऊंचे समवशरण का उद्घाटन भगवतीलालजी मोतीलाल घांटिया परिवार ने किया। श्रीजी को समवशरण पर विराजित कर उनका पंचामृत से अभिषेक और शांतिधारा का लाभ हीरालाल कचरूलाजी दोशी परिवार ने लिया। कल्पद्रुम महामंडल विधान का पूजन किया। भरत चक्रवर्ती और स्वधर्म इंद्र का लाभ हीरालालजी दोशी परिवार, कुबेर इंद्र रमेशजी गौतमलाल जेताना, महायज्ञ नायक इंद्र का लाभ सुदर्शनजी वोरा ने लिया। 22 फीट ऊंचे समवशरण पर बैठकर पूजा की। 120 इंद्रों ने जोड़ों सहित पांडाल में बैठकर विधान की पूजा की। संगीतमय आरती अमृतलालजी दोशी पाडली ने लिया। शास्त्र वाचन प्रतिष्ठाचार्य पंडित ऋषभकुमार जैन ने किया।

पंचामृत और शांतिधारा पूजन आज

महामंत्रीगजेंद्र जैन ने बताया कि उपाध्याय मुनि उदारसागरजी के आर्शीवचन होंगे। 1 से 4 बजे कल्पद्रुम महामंडल विधान, 4 से 5 बजे उपाध्याय उदार सागरजी महाराज, उपशांतसागरजी महाराज, उत्कर्ष सागरजी का मंगल प्रवचन, शाम 7:30 आरती, 8 बजे शास्त्रवाचन पंडित ऋषभकुमार जैन करेंगे। 8:30 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम का होंगे।

समय को पहचान कर उसका सदुपयोग करें

उपाध्यायउदारसागरजी महाराज ने आर्शीवचन में कहा कि जीवन में कई अवसर आते है पर लोग इसे पहचान नहीं पाते है और अवसर कब निकल गया पता ही नहीं चल पाता है। वहीं व्यक्ति सही मायने में जीवन का आनंद ले पाता है, बाकि हाथ मलते रह जाते है और अवसर हाथ से निकल जाता है।

गाजे-बाजे के साथ निकाली शोभायात्रा

साधुसेवा समिति के अध्यक्ष रमेशचंद जैन ने बताया कि कल्पद्रुम महामंडल विधान के तहत विधान के पहले दिन सुबह गाजे बाजे के साथ उपाध्याय मुनि उदार सागरजी महाराज, उपशांत सागरजी महाराज, उत्कर्ष सागरजी महाराज, क्षुल्लक उत्सवसागरजी, क्षुल्लिका उपासनामतीजी, उत्त्तीर्णमतीजी के नेतृत्व में शोभायात्रा निकाली गई, जो श्रीजी को लेकर नवदा भक्ति के साथ महावीर नगर होते हुए न्यू