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शिक्षकों को अब पसंदीदा पोस्टिंग के लिए देने होंगे बेहतर परीक्षा परिणाम

5 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | डूंगरपुर

सरकारीस्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को अगर अपनी पसंदीदा जगह पोस्टिंग चाहिए तो उन्हें बोर्ड और वार्षिक परीक्षाओं में बेहतर परिणाम देने होंगे। इसके साथ ही शिक्षा विभाग ने जिला मुख्यालय पर सरकारी स्कूलों को ग्रेड देने का काम भी शुरू किया है। जिला मुख्यालय पर 50 हजार से अधिक जनसंख्या वाले शहर और इसके 8 किमी परिधि क्षेत्र के गांवों में स्थित स्कूलों को श्रेणी में शामिल किया जाएगा।

पचास हजार तक की जनसंख्या वाले शहर और उनके आठ किमी परिधि वाले गांवों में स्थित स्कूलों को बी श्रेणी में रखा गया है। वहीं, शहरसे 20 किमी दूरी पर स्थित सड़क से जुड़े पांच हजार से अधिक आबादी के गांवों में स्थित स्कूलों को सी श्रेणी और दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में स्थित स्कूलों को डी श्रेणी में रखा गया है। परीक्षा परिणाम के आधार पर शिक्षकों की मार्किंग होगी, जो उनकी नियुक्ति का आधार बनेगी।

यूंहोगी शिक्षकों की मार्किंग

एकही स्कूल में दस वर्ष की सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों को डी श्रेणी में सेवा देने के बदले प्रतिवर्ष के हिसाब से पांच अंक, सी श्रेणी की स्कूल में सेवा के लिए प्रतिवर्ष तीन अंक, बी श्रेणी के स्कूल में सेवा के बदले प्रति वर्ष के हिसाब से दो अंक दिए जाएंगे। श्रेणी स्कूल में सेवा पर प्रति वर्ष एक अंक दिया जाएगा। शिक्षा विभाग से जानकारी के अनुसार शिक्षक तबादला नीति को अंतिम रुप देने के लिए मंत्री मंडलीय उप समिति का गठन किया गया है। जिला एवं राज्य स्तर पर गठित तबादले किए जाएंगे।

खराबपरिणाम आने पर ग्रामीण इलाकों में ट्रांसफर

ऐसेसंस्था प्रधान या शिक्षक जिनके स्कूल में 10वीं या 12वीं किसी भी एक कक्षा का परीक्षा परिणाम 30 फीसदी से कम रहता है। इसके साथ ही वार्षिक परिणाम भी मानकों के अनुरुप नहीं रहता है तो उन्हें जिलेके बाहर ट्रांसफर किया जाएगा। उनकी नियुक्ति ग्रामीण इलाकों में की जाएगी। उनके परिणाम 70 फीसदी से कम रहेगा, वहां के प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्याे के तबादले भी गांवों के डी श्रेणी स्कूलों में किए जाएंगे। 10वीं 12वीं में किसी भी विषय में 3 में से 2 साल तक 50 फीसदी से कम परिणाम देने वाले तथा 8वीं बोर्ड परीक्षा में 3 में से 2 साल में 50 फीसदी से ज्यादा स्टूडेंट्स के डी श्रेणी प्राप्त करने पर संबंधित सीनियर शिक्षक और लेक्चरर को भी गांवों में भेजा जाएगा।

एकलमहिला को छूट

अविवाहितया एकल महिला शिक्षक या विशेष स्थित वाले शिक्षकों को दस अंक अतिरिक्त दिए जाएंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर पुरुस्कृत शिक्षक को क्रमश: 10 या 5 अंक अतिरिक्त मिलेंगे। निर्धारित अंकों के अभाव में भी 70 प्रतिशत से अधिक विकलांग, विधवा, परित्यक्ता, कैंसर पीडि़त, जिनके बच्चों के दिल में छिद्र या ब्रेन ट्यूमर हो ऐसे शिक्षकों को स्थानांतरण वरीयता सूची में विशेष श्रेणी में मानते हुए प्राथमिकताएं दी जाएगी।

^राजकीय स्कूलों का रिजल्ट बेहतर करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। इसलिए यह बदलाव किए जा रहे है। निर्देशानुसार रिपोर्ट तैयार करके निदेशालय को भेज दी जाएगी -प्रभुलाल मीणा, डीईओ माध्यमिक शिक्षा डूंगरपुर।

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