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वागड़ मगरी पर जीएसएस का निर्माण शुरू, तीन महीनों में हो सकेगा पूरा
हाउसिंगबोर्ड सहित आसपास के क्षेत्र के लिए आवश्यक वागड़ मगरी जीएसएस पर जमीन अधिग्रहण का मामला सोमवार को सुलझा दिया गया।
इसके बाद बिजली निगम की ओर से जेसीबी से खुदाईकर बाउंड्री वॉल बनाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। पिछले दो सालों से जमीन तलाश और जीएसएस निर्माण के लिए भटक रहे बिजली निगम को सोमवार को अंतिम स्थान वागड़ मगरी जीएसएस जमीन पर कब्जा मिल गया। जिसके बाद से अब जीएसएस निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। शहर के 10 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक 33 केवी जीएसएस के लिए जमीन आबंटन का मामला पिछले तीन माह से अटका था। सोमवार को वागड़ मगरी पर भी काम शुरू हुआ।
सोमवार को मौके पर तहसीलदार डायालाल पाटीदार के निर्देशन पर पटवारी दिनेश पंचाल, विद्युत निगम के जेईएन हर्षद पंचाल ने मौके पर पहुंचकर नक्शा और रिकॉर्ड देख जमीन का सीमांकन किया।
इम्पैक्ट
भास्कर
सिविल वर्क को छोड़कर तकनीकी वर्क के आधार पर तीन माह में वागड़ मगरी जीएसएस का काम पूरा हो जाएगा। 1 अप्रैल से पूर्व जीएसएस पर हाउसिंग बोर्ड, शास्त्री कॉलोनी, पत्रकार कॉलोनी सहित बस स्टैंड आदि इलाकों का पूरा शहर लोडकर दिया जाएगा। जिसके बाद कम वोल्टेज, ट्रिपिंग और बार लाइट बंद होने की समस्या से निजात मिलेगा। विद्युत निगम के जेईएन हर्षद पंचाल ने बताया कि इस जीएसएस से 3 बड़े फीडर बनाए जाएंगे। जो दोवड़ा फीडर के लोड को कम कर देगा।
दैनिक भास्कर की ओर से अभी तक की पहल
दैनिकभास्कर की ओर से 18 नंवबर को ‘वे अतिक्रमण हटाते नहीं जिम्मेदारों को समय नहीं’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिसके बाद राजस्व टीम ने विद्युत निगम के साथ 4 दिसंबर को पहुंची। जहां पर कुछ राजस्व परेशानी को दूर करते हुए सोमवार तक जमीन विद्युत निगम को सुपुर्द कर दी।
तीन महीनों में तैयार हो जाएगा जीएसएस
डूंगरपुर. वागड़ मंगरी जीएसएस पर बाउंड्री वॉल के लिए गड्डा खोदती जेसीबी और वागड़ मंगरी जीएसएस की जमीन नापते गिरदावर, पटवारी और जेईएन।