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जर्जर लाइनें नहीं बदली, पानी का संकट

6 वर्ष पहले
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शहरके आधे से ज्यादा उपभोक्ताओं को एकांतर में पेयजल सप्लाई मिल रही है। जलदाय विभाग की इस व्यवस्था के चलते करीब 4 हजार शहरवासियों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इन्हें पेयजल के लिए लंबा इंतजार करना और हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ता है। इसमें भी सप्लाई वाले दिन बिजली कटौती अथवा पंप हाउस में तकनीकी खराबी के कारण उपभोक्ताओं को तीन दिन बाद पानी मिलता है। विदित रहे, वर्ष 2007 में शहर में पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए 14 करोड़ रुपए खर्च किए थे। शहर की कॉलोनियों और पुराने शहर में ओवरहेड टेक, वॉल्व सेक्शन, पाइपलाइन बिछाने सरीखे कार्य कराए गए थे। जिसके बाद शहर में करीबन 20 वर्ष तक पेयजल की व्यवस्था में सुधार होना था, लेकिन अभी भी हजारों बाशिंदे त्रस्त हैं। शहर की बदहाल व्यवस्था और एकातंर में पेयजल सप्लाई के लिए पिछले साल एडवोकेट जितेंद्रसिंह ने लोकायुक्त को शिकायत भेजकर योजना में गड़बड़ी के आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की थी। जिसके बाद अभी तक जयपुर में ही जांच की कार्यवाही अटकी हुई है।



^वर्ष 2007 की योजना में लापरवाही के कारण पेयजल व्यवस्था गड़बड़ है। मेरा कार्यकाल नहीं था, फिर भी अब सर्वे कर पुरानी पाइपलाइन को बंद किया जा रहा है। नई 8 करोड की योजना में एकांतर व्यवस्था बंद हो जाएगी। गड़बड़ी के लिए जयपुर तक शिकायत भेजी गई है। -एसपठान, एसई, जलदाय विभाग

इंजीनियराें से में यहां हो गई गड़बड़ी : योजनामें विशेष तौर से पुराने शहर में पुरानी पेयजल पाइप लाइन गहरी होने के कारण उन्हें हटाकर नई पाइप लाइन बिछाना था। तत्कालीन इंजीनियरों की लापरवाही के कारण पुरानी पाइप लाइन आज तक नहीं हटी और नई पाइप लाइन एक फीट गहराई में डालकर कार्य को खत्म कर दिया गया। शहर के कई इलाकों में एक फीट गहराई में पाइप लाइन है। जिन पर से प्रतिदिन वाहन गुजरते हैं। वे आए दिन क्षतिग्रस्त हो रही हैं। इसके साथ ही पंप हाउस में रिपेयरिंग का भी काम किया था। जिसमें चांदपोल पंप हाउस अभी भी बदहाल अवस्था में है।

यहां एकांतर सप्लाई

शहरके नवाडेरा

-सिंटेक्स एरिया

-अंबामाता

-शीतलामाता गली

-सुथारवाड़ा, सलाटवाड़ा

-सेक्टर 3 4 हाऊसिंग बोर्ड

-पत्रकार कॉलोनी

पाइप लाइन का मायाजाल

शहरमें फिलहाल पेयजल सप्लाई के लिए तीन प्रकार की पाइप लाइन बिछी हुई है। पहली पाइप लाइन 1980 के दशक में बिछी थी। वर्ष 1990 में पेयजल व्यवस्था सुधार में दूसरी पाइप लाइन बिछाई गई थी। इसके बाद वर्ष 2007-08 में 14 करोड़ की योजना से पाइप लाइन बिछाई थी। तीनों बार में किसी भी अधिकारी ने पुरानी पाइप लाइन हटाने का कार्य नहीं किया है। इस अव्यवस्था के कारण शहर के कुछ उपभोक्ताओं को अच्छे दबाव से भरपूर समय पानी मिल रहा है। कुछ गलियों और मोहल्लों में पिछले कई वर्षाे से पानी ही नहीं रहा है। कुछ इलाकों में पानी एकांतर में रहा है।

डूंगरपुर। पुराने शहर में कम गहराई में डाली गई पाइप लाइन और पुराने शहर में खुले में सड़क पर दिख रहा वाल्व।