जहां एकता है वहां सम्पूर्णता है
डूंगरपुर| जिसतरह झांडू बिखराव में बिखर जाती है, वहां वह स्वयं कूड़ा बन जाती है, लेकिन जहां बंध जाती है वहां वह सफाई का साधन बन जाती है। उक्त विचार पंजाब श्रृवणी गौरव श्री ममता जी म. की सुशिष्या राष्ट्र ज्योति सुमन जी ने डूंगरपुर नगर के शास्त्री कॉलोनी स्थित अभिताभ नलवाया के निवास पर श्रद्वालुओ को सम्बोधित करते हुए कहे।
उन्होंने कहां कि जहां एकता, सम्प प्रेम होता है वहां सम्पूर्णता है और जहां कलह का वातावरण है वहां सब कुछ प्राप्त करके भी इंसान में अपूर्णता ही रहती है। उन्होने उदाहरण देते हुए कहा कि कैंची के बजाय सूई बनने का प्रय| करो। कैंची दो भागों में विभक्त करने का काम करती है तो सूई दो भागों को एकता, समन्वय करवाती है। जहां एकता है वहां सम्पूर्णता ही सम्पूर्णता है। महासती जी म. शनिवार सुबह यहां से विहार कर बिछीवाडा होते हुए गुजरात सीमा में प्रवेश करेंगे। इस अवसर पर अभिताभ नलवाया, रमेश मेहता, जीवनलाल कोठारी, महावीर जैन, सूरज यादव आदि उपस्थित थे।
आशीर्वाद देते राष्ट्र ज्योति सुमनजी म.।