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पुण्य का उदय होने पर ही परमात्मा की प्राप्ति

7 वर्ष पहले
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आचार्यकुंदकुंद सूरीश्वर ने कहा कि जब मनुष्य के पुण्य का उदय होता है और देव कृपा की प्राप्ति होती है, तभी उसे परमात्मा के दर्शन होते हैं। आचार्य ने यह बात न्यू कॉलोनी स्थित संभवनाथ जैन श्वेतांबर वीशा हुम्मड संघ के उपाश्रय में नवान्हिका महोत्सव के चौथे दिन माणिभद्र पूजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कही।

उन्होंने कहा कि मनुष्य जब धर्म की शरण में जाता है। और राग, द्वेष से परे हटकर जीव मात्र के प्रति दया का भाव प्रकट करता है। तो उसके अच्छे कर्माें का उदय हो जाता है। जिसके फलस्वरूप हर विकट परिस्थिति में परमात्मा उसका सारथी बनकर सहयोग करता है। नवान्हिका महोत्सव के तहत आचार्य और विनयधर्म विजय महाराज के सानिध्य में नवान्हिका महोत्सव के चौथे दिन रक्षक देव माणिभद्र का महापूजन और होम लाभार्थी परिवार नर्वदाबेन गोवर्धनलाल सरैया परिवार के सानिध्य में किया गया। जिसके तहत इस महापूजन और होम के पूर्ण होने पर सब प्रकार के विघ्नों का नाश होता है। प्रारंभ में भगवान आदिनाथ की जल पूजा, चंदन पूजा, सहित अष्ठ प्रकार की पूजा एवं माणिभद्र देव की पांच प्रकार की पूजा की गई। इसके बाद आचार्य और विधिकारक के सानिध्य में 108 आहुति अर्पित की गई। विधान के दौरान वीशा हुम्मड संघ के अध्यक्ष पूरणमल दावड़ा, देवीलाल दावड़ा, कन्हैयालाल जैन कमल दावड़ा, सुबोध सरैया, शरद सरैया मौजूद थे।

डूंगरपुर. संभवनाथ जैन उपाश्रय में माणिभद्र पूजन होम में भाग लेते लाभार्थी।