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पोस्टरबाजों ने सरकारी दफ्तर और रास्ते के बोर्ड भी नहीं छोड़े
मार्ग सूचना बोर्ड पर लगे पोस्टर।
कानून: हो सकता है जुर्माना और जेल
इसकेलिए राजस्थान सम्पत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 2006 और राजस्थान पालिका अधिनियम 2009 बना हुआ है। इसके तहत नगर परिषद संबंधित थाने में एफआईआर भी दर्ज करा सकती है। जिसमें 100 रुपए से 1000 रुपए तक का जुर्माना या एक माह की जेल का प्रावधान है। इस कानून के दूसरी बार उल्लंघन पर 200 रुपए से 2000 रुपए तक का जुर्माना या एक माह की कैद या दोनों से दंडित किया जा सकता है।
सिटी रिपोर्टर | डूंगरपुर
खूबसूरतइमारतों पर धब्बेनुमा पोस्टरों ने शहर को बदसूरत कर रखा है। शहर की दो प्रमुख सड़कों की बात लें, अस्पताल रोड-बस स्टैंड हो या गांव-कस्बों की ओर जाने वाले रास्ते, हर स्पॉट्स पर शासन-प्रशासन की ओर से सौंदर्यीकरण पर मोटा खर्चा किया गया हाे, लेकिन सड़क से निकलने वाले राहगीर का ध्यान इस खूबसूरती की तरफ एक बार जरूर जाता है। लेकिन, अब इन जगहों पर पोस्टरों के धब्बे नजर आते हैं। प्रतापनगर सर्किल, अस्पताल चौराहा, डाइट दफ्तर हो या फिर निजी स्कूलों की दीवारें, सब जगह पोस्टर लगाए दिए गए हैं और कोई भी एजेंसी कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।
पोस्टर दीवारों पर लिखे-चस्पा विज्ञापन शहर की सुंदरता को लील रहा हैं। शहर की सुंदरता को लेकर नगर परिषद और प्रशासनिक अधिकारी भी गंभीर नहीं रहे है। शहर की मुख्य सड़क पर खंभों को भी बदहाल कर दिया गया हैं। परिषद की अनदेखी के चलते दीवारें, प्रमुख सर्किल, पार्क, डिवाइडर पर पोस्टर चस्पा हैं। प्रशासन के दबाव पर नोटिस जारी कर इतिश्री कर दी जाती हैं। पुराने इमारते, दरवाजे, मंदिरों तक इनसे अछूते नहीं। महापुरुषों के नाम वाले स्थान पर ऐसे पोस्टर से अटे पड़े हैं। यहां तक कि आमजन की सूचना के लिए लगे सूचना पट्ट तो पढ़ने में ही नहीं आते है। शहर के लक्ष्मण मैदान, भोगीलाल पंडया कॉलेज, महारावल स्कूल, अस्पताल रोडवेज बस स्टैंड की दीवारों पोस्टर लेखन से बदरुप हैं।
इसी प्रकार कलेक्ट्री, तहसील, पंचायत समिति, पुरानी जिला परिषद, विद्युत निगम कार्यालय, अस्पताल, जलदाय विभाग, कानेरा पोल, कुरियाला दरवाजा, श्रम केंद्र कार्यालय के आसपास की दीवारों पर लेखन पोस्टरों से भदा रुप ले चुकी हैं। शहर के कई प्रमुख स्थल तथा ऐतिहासिक महत्व की इमारतें पोस्टर के कोप से नहीं बच सकी हैं। पोस्टरों ने सुविधाघरों को भी नहीं छोडा हैं। इनमें भी पोस्टर चिपके होते हैं। शहर में 12 से अधिक बिल्डिंगों पर विज्ञापन होर्डिंग्स लगे हैं। इससे शहर की सुंदरता को तो ग्रहण लगने के साथ हादसे का खतरा भी रहता है। तकनीकी रूप से सही नहीं होने से ये खतरनाक साबित हो सकते हैं। कई होर्डिग्स तो बिजली की एचटी लाइनों के पास लगे हैं, जो अंधड से गिरने पर बडे हादसे का कारण बन सकते हैं।
रास्तेके बोर्ड भी नहीं छोड़े
पीडब्ल्यूडीकी ओर से शहर में विभिन्न स्थलों पर लगाए गए मार्ग निर्देशक बोर्ड भी पोस्टरों की भेंट चढ़ गए हैं। खासकर बाहर से आने वाले लोगों के लिए लगे मार्गसूचक पर पोस्टर चिपक गए हैं। वहीं, कई जगह कार्यालयों के बोर्ड को भी पोस्टर ने गंदा कर रखा है।
झंडियोंकी भी झड़ी
शहरमें कई स्थानों पर धार्मिक, राजनैतिक और सामाजिक बैनर, फलेक्स और झंडिया लगी हुई। जो शहर को गंदा करती जा रही है। पुराने शहर में ऐतिहासिक इमारतों पर फलेक्स, बैनर, झंडियों लगी हुई है। ऐसे में नगर परिषद की अनदेखी के कारण पुरानी इमारतों को भद्दा दिखा रहे है।
कॉलेज के मुख्य दरवाजे और कुरियाला दरवाजे पर चिपका रखे पोस्टर।