- Hindi News
- स्वाइन फ्लू: लापरवाही मामले में एक डॉक्टर बर्खास्त, एक एपीओ
स्वाइन फ्लू: लापरवाही मामले में एक डॉक्टर बर्खास्त, एक एपीओ
चार और मौतें, दो डॉक्टर को स्वाइन फ्लू
प्रदेशमें स्वाइन फ्लू से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। मंगलवार को एसएमएस अस्पताल में तीन और डूंगरपुर में एक मरीज की मौत हो गई। प्रदेश में इस साल अब तक 110 मौतें हो चुकी हैं। जयपुर में 29 मौतें हो चुकी हैं। दूसरी ओर एसएमएस अस्पताल के दो रेजीडेंट में भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। डॉ. राजू कदम और डॉ. मुकेश असवाल में स्वाइन फ्लू के बाद उपचार ले रहे हैं। उधर, जयपुर के एसएमएस अस्पताल, कांवटिया, जयपुरिया, गणगौरी अस्पताल में डॉक्टर्स, रेजीडेंट और स्टाफ के लिए केवल साधारण मास्क उपलब्ध हैं। ऐसे में डॉक्टर्स, रेजीडेंट और नर्सिंग स्टाफ इन्हीं को लगाकर उपचार कर रहे हैं।
हैल्थ रिपोर्टर | जयपुर
स्वाइनफ्लू के मरीजों के उपचार में लापरवाही करने वाले दो डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। एक डॉक्टर को सेवा कार्यों से बर्खास्त कर दिया गया और एक अन्य को एपीओ किया गया है।
इसके अलावा एक यूनिट इंचार्ज को कारण बताओ नोटिस भी दिया गया है। राज्यस्तरीय टास्क फोर्स के अध्यक्ष डॉ. अशोक पनगडि़या की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख शासन सचिव जेसी मोहंती ने एसएमएस अस्पताल के सहायक प्रोफेसर डॉ. लक्ष्मीकांत को बर्खास्त किया, जबकि एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राघवेन्द्र चौधरी को एपीओ कर बीकानेर मुख्यालय भेजा गया है। यूनिट एंचार्ज डॉ. पी. एस. पीपलीवाड को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मोहंती ने कहा कि स्वाइन फ्लू के काम में जरा भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शेष| पेज 8
एसएमएसअस्पताल में स्वाइन फ्लू के लिए 24 घंटे एक विशेषज्ञ चिकित्सक की उपस्थिति सुनिश्चित करने, आइसोलेशन वार्ड एवं ऑबजर्वेशन वार्ड तीन अतिरिक्त चिकित्सक नियुक्त करने, सैम्पल जांच रिपोर्ट यथाशीघ्र प्राप्त करने के लिए निजी लैब द्वारा सैम्पल जांच करने और एंटी वैक्सीन की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। डॉ. पनगडिया ने एसएमएस चिकित्सालय में नया इंटरमेडीऐट वार्ड खोलने एवं आईसीयू का राउण्ड करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा ही आईसोलेशन वार्डस के मरीजों की भी जांच कराने के भी निर्देश दिए।