सौर ऊर्जा संयंत्रों की गाइड लाइन नहीं
डूंगरपुर। महंगीबिजली और पंपसेट से सिंचाई करने में होने वाली खेती में कम मुनाफे के कारण पिछली सरकार द्वारा शुरू की गई सोलर ऊर्जा आधारित पंप हाऊस की अभी तक नई गाइड लाइन नहीं आने से किसानों को काफी इंतजार कर परेशान होना पड़ रहा है।
दूर-दराज के किसानों को कृषि कनेक्शन नहीं मिलने और बिजली सप्लाई अच्छी नहीं होने से किसानों के लिए सोलर पंप से सिंचाई करना संजीवनी था। गत सरकार की ओर से योजना शुरू होने के बाद जिले से करीब 60 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से 20 किसानों को इस योजना में चयन कर लाभ दिया गया था। ऐसे में गत वर्ष के भी आवेदक किसान और नवीन आवेदन करने वाले किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
सोलरपंप अनुदान योजना
किसानोंद्वारा सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए विभाग की ओर से पहले 86 प्रतिशत तक अनुदान मिलता है। मात्र 14 प्रतिशत कृषक हिस्सा राशि ही जमा करवानी पड़ती है। 20 मीटर हेड का पंप लगाने के लिए किसान को करीब 70 हजार जमा करवाना होता है, जबकि करीब 5 लाख का अनुदान विभाग द्वारा मिलता है।
यहमिलता है फायदा
इंजनपंप और बिजली कनेक्शन से खेती में ज्यादा लागत आती है, जबकि सौर ऊर्जा से संचालित होने वाले पंप सेट में एक बार ही पैसा लगाना पड़ता है, इसमें सरकार की ओर से अनुदान भी दिया जाता है, ऐसे में किसानों का रुझान इस ओर बढ़ने लगा था। विभाग के अनुसार बिजली डीजल के पंप से आधी कीमत में लाभ मिलता है।
सरकार बदलने के बाद बदला नियम
सौर ऊर्जा आधारित पंप हाऊस की स्थापना में पूर्व सरकार की ओर से अनुदान तय कर रखा था। किसान के आवेदन करने के बाद निर्धारित कंपनी द्वारा सौर ऊर्जा आधारित पंप सेट लगा दिया जाता था। नई सरकार आने के बाद इस योजना को पूरे राज्य में अभी फ्रीज कर दिया गया है। इसके बाद सभी कृषि उपनिदेशकों के माध्यम से नए प्रस्ताव तथा योजना की समीक्षा रिपोर्ट अप्रैल माह में मांगी गई थी। समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद भी आज तक अनुदान की गाइड लाइन नहीं आई है। जिससे योजना अटक गई है।
नई गाइड लाइन नहीं आई
^यहां के किसानों के लिए सौर ऊर्जा आधारित पंप हाऊस योजना अच्छी थी। इस वर्ष योजना में अभी तक कोई गाइड लाइन नहीं आई है। नवीन गाइडलाइन का इंतजार चल रहा है। गौरीशंकरकटारा, उपनिदेशककृषि विस्तार डूंगरपुर।