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भगवान श्रीकृष्ण के भजनों के साथ कथा की शुरूआत
डूंगरपुर। जगदगुरु कृपालुजी महाराज की शिष्या जगदीश्वरी देवी ने बुधवार को प्रवचन के पहले दिन कहा कि ईश्वरीय कृपा से मानव अवतार मिलता है। इसका उपयोग ईश्वर का साक्षात्कार करने में करना चाहिए।
जगदीश्वरी देवी के पहले दिन के प्रवचन की शुरूआत भगवान राधे कृष्ण के भजन के साथ हुई। उन्होंने कहा कि हमें यह समझना होगा कि आखिर इस दुनिया में क्या करने आए हैं। पूरी धरती पर जितनी संख्या मानव की है उससे भी कहीं अधिक संख्या पानी के एक छोटे से गड्ढ़े में आंखों से नहीं दिखने वाले जीवों की होती है। इससे हमें समझना होगा कि आखिर ईश्वर ने हमारी आत्मा को उन गिनती में शामिल क्यों किया, जिसे मानव अवतार मिला। वेद-उपनिषदों की व्याख्या करते हुए कहा कि यदि हम यह समझ लें कि मानव अवतार का उद्देश्य क्या है तो जीवन की पहली सीढ़ी पार कर ली। उन्होंने कहा कि पहली सीढ़ी है ईश्वर को समझना।
दूसरी सीढ़ी आत्मा है, जिसे ईश्वर का साक्षात्कार कराना है। इसी तरह आत्मा का साक्षात्कार कराते हुए तीसरी सीढ़ी पार करनी होती है। तीसरी सीढ़ी के रुप में ईश्वर को समझ चुकी आत्मा को माया से पार कराना है। उन्होंने कहा कि ईश्वर का साक्षात्कार किए बिना ही हमें यदि मौत हो जाती है, तो यह आत्महत्या ही है।