ड्राइवर ही संभाल रहे कंडक्टर का काम
रोडवेज में फिलहाल 165 कंडक्टर के पद स्वीकृत हैं। जिसमें 150 कंडक्टर कार्यरत हैं। इस हिसाब से रोडवेज में मात्र 15 कंडक्टर की कमी होनी चाहिए, लेकिन निगम के अधिकारी की मिलीभगत से करीब 42 कंडक्टर की कमी दर्शाई जा रही है।
150 कंडक्टर में से 5 कंडक्टर ऑफिस में लिपिक वर्ग का कार्य संभाल रहे हैं। 3 कंडक्टर को निरीक्षक के साथ काम पर लगा रखा है।
19 कंडक्टर बुकिंग खिड़की पर टिकट बेचने का कार्य कर रहे हैं। इस प्रकार करीब 27 कंडक्टर अन्य कार्य कर रहे हैं।
रोडवेज में कंडक्टरों की कमी के कारण रोजाना कई यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिस कारण यात्रियों के काफी असुविधाएं भी होती हैं।
बुकिंग एजेंट की भर्ती नहीं हो रही निगम स्तर पर
पिछले वर्ष ही 8 लिपिक की हुई थी भर्ती
कंडक्टर संभाल रहे अन्य कार्य
4 ड्राइवर ऑनडीएसओ रूट पर
^बुकिंग एजेंट की भर्ती निगम स्तर पर नहीं हो रही है। जिसके कारण 19 कर्मचारियों को वहां लगा रखा है। ड्राइवर, जो कडंक्टर का काम कर रहे हैं, उसे दिखवा लेते हैं।\\\'\\\' -एसएलसामर, वित्तप्रबंधक रोडवेज डूंगरपुर।
ऐसे समझें नुकसान को
भास्कर न्यूज। डूंगरपुर
रोडवेजमें अधिकारियों की मिलीभगत के चलते ड्राइवरों से कंडक्टर का काम कराया जा रहा है। वहीं, कंडक्टरों से लिपिक का काम कराया जा रहा है, जिससे रोडवेज को प्रति माह करीब 30 से 40 हजार रुपए तक का नुकसान हो रहा है।
डिपो में कर्मचारियों की कमी से प्रतिदिन गाड़ियां रद्द हो रही है। अधिकारी ड्राइवर को ऑनडीएसओ सिस्टम से कंडक्टर का काम करा रहे हैं। ऐसे में कंडक्टर का काम संभालने वाले कर्मचारियों को मजबूरी में ऑफ लेकर घर पर आराम करना पड़ रहा है या फिर ड्यूटी कैंसिल कर लिपिक वर्ग का काम कराया जा रहा है। जिसका अप्रत्यक्ष नुकसान रोडवेज यात्रियों का हो रहा है।
रोडवेज में कर्मचारियों की कमी के कारण यात्रियों को खासी परेशानी हो रही है। दूसरी अोर, ख्ुद विभाग को भी कर्मचारियों की कमी के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
क्याहै ऑनडीएसओ सिस्टम