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वरिष्ठ अध्यापकों की वेतन विसंगति दूर करने की मांग

7 वर्ष पहले
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डूंगरपुर| वरिष्ठअध्यापक संघ राजस्थान स्टार के सदस्यों ने सोमवार शाम को मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर वेतन विसंगति को दूर करने की मांग रखी।

संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय चौबीसा ने बताया कि छठे वेतन आयोग द्वारा गठित भटनागर समिति की सिफारिशों के द्वारा वरिष्ठ अध्यापकों को पूर्व में चली रही वेतन श्रृंखला 5500 से 9000 पर ही रखा गया है। इसी समिति के द्वारा की गई सिफारिशों में प्रथम श्रेणी की वेतन श्रृंखला 6500 से 10500 से परिवर्तित कर 7500 से 12000 कर दी गई एवं तृतीय श्रेणी की वेतन श्रृंखला 4500 से 7000 से परिवर्तित कर 5000 से 8000 कर दी गई है। वरिष्ठ अध्यापकों के वेतनमान में परिवर्तन नहीं करने से वेतन विसंगति हुई है। जिसमें आरपीएससी चयनित वरिष्ठ अध्यापकों को 1860 रुपए मूल वेतन में नुकसान हुआ है। आरपीएससी चयनित वरिष्ठ अध्यापकों का मूल वेतन 14430 रखा है। जबकि वेतनमान संशोधन होने पर 16290 मूल वेतन होना चाहिए। इस प्रकार नए चयनित वरिष्ठ अध्यापकों के साथ कुठाराघात हुआ। आरपीएससी चयनित वरिष्ठ अध्यापकों के परिविक्षाकाल समाप्त होने पर दो वेतन वृद्धि का लाभ मिलना चाहिए जो कि हमें नहीं मिला है। इन सभी मांगों को लेकर ज्ञापन दिया गया।