डॉक्टरों का पेनडाउन, सुरक्षा की मांग
...कुछ यूं किया इंतजार
एंबुलेंसकर्मीसे मारपीट और अस्पताल में तोड़फोड़ की घटना के विरोध में सोमवार को डॉक्टर और अस्पताल का पूरा स्टाफ ने एक घंटे के लिए कार्य का बहिष्कार कर दिया। इससे आम मरीज परेशान हुए, लेकिन इमरजेंसी सेवाओं को बहाल रखा गया।
रविवार रात को अस्पताल में हुए हंगामे के बाद से ही अस्पताल कर्मिकों ने कार्य बहिष्कार कर दिया था, लेकिन बाद में प्रशासन की समझाइश पर कार्य शुरू कर दिया गया। सोमवार को अस्पताल खुलने के बाद चिकित्सा सेवाएं बहाल रही, लेकिन सुबह 11 से 12 बजे तक कर्मचारियों ने पेनडाउन कर दिया। इस कारण मरीजों को इलाज के लिए एक घंटे का इंतजार करना पड़ा, लेकिन इमरजेंसी मरीजों को मानवीयता के कारण अटेंड किया गया। इसके अलावा आईसीयू और ऑपरेशन थियेटर में भी स्टाफ सेवाएं दे रहे थे। इस दौरान डॉ. प्रताप परमार, डॉ. जितेंद्र भगोरा, डॉ. गौरव यादव, डॉ. निलेश गोठी, डॉ. सतीश श्रीमाली, डॉ. गोकुल प्रजापति, नर्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष रोत, बंशीलाल कटारा, विमल भगोरा, सुधीर मोरीसन, प्रदीप रोत, रमण सहित पूरा अस्पताल स्टाफ मौजूद था।
एकआरोपी गिरफ्तार : डूंगरपुरअस्पताल में रविवार को शहर के कुछ युवकों द्वारा मारपीट और तोड़फोड़ करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी गजेंद्रसिंह राव ने बताया कि आरोपी भोईवाड़ा निवासी रोशन पुत्र दशरथलाल भोई को गिरफ्तार किया है और अन्य की तलाश की जा रही है।
1. अस्पताल के मुख्य गेट पर ही पुलिस चौकी बनवाई जाए और हमेशा दो पुलिसकर्मियों को तैनात रखा जाए।
2. अस्पताल में चिकित्साकर्मियों के साथ होने वाली मारपीट और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
3. रविवार को हुई मारपीट और तोड़फोड़ की घटना में लिप्त आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।
डूंगरपुर. साेमवार को एक घंटे पेनडाउन के दौरान अस्पताल पोर्च में नारेबाजी करते डॉक्टर और अस्पताल के कर्मचारी।
यह रखी मांगें