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पीहर में सो रही पत्नी को परिवार समेत उड़ाने की साजिश, घर में रात 2.30 बजे ब्लास्ट

5 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | डूंगरपुर

शहरसे सटे महुड़ी गांव में सो रहे एक परिवार को बीती रात ब्लास्ट कर मारने का प्रयास किया गया। हालांकि ब्लास्ट में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन कवेलुपोश घर में रखा सामान ब्लास्ट की चपेट में आया है। पुलिस ने ससुर की रिपोर्ट पर दामाद और उसके सहयोगी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। मौके पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स द्वारा साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

शहर कोतवाली क्षेत्र के महुड़ी हामाघरा निवासी जीतमल रोत पुत्र नगजी रोत का परिवार बीती रात अपने कवेलूपोश घर में सोया था। उसकी प|ी मीरा, पुत्र राजेंद्र, विवाहिता पुत्री सुशीला अन्य दो बेटियां संगीता और कंचन जब रात में सोए थे तो करीब ढाई बजे तेज धमाका हुआ। धमाके के कारण सभी उठ गए। पूरे घर में धुआं फैला था। सहमा हुआ परिवार किसी तरह घर से बाहर निकला। धमाके की आवाज सुनकर बड़ी संख्या में पड़ोसी जमा हो गए। जानकारी मिलने के बाद डीएसपी माधोसिंह कोतवाली पुलिस पहुंची। इससे पहले जीतमल ने घर की पड़ताल की तो छत से कुछ केलू हटे हुए दिखे। उसी जगह से घर में दो तार लटके मिले तो सारा माजरा समझ में गया। घर में बड़ी संख्या में छर्रे भी बिखरे थे, जो संभवत: ब्लास्ट करने की डिवाइस के साथ जोड़े गए थे। दोपहर 2.30 बजे बांसवाड़ा से फोरेंसिक विभाग के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. बलवंतसिंह ने घटनास्थल पर जाकर फोटोग्राफ, छर्रे, तार, उपयोग में ली गई विस्फोटक सामग्री की जांच की।

परिवार को उड़ाने की दी थी धमकी

जीतमलने पुलिस को सौंपी एफआईआर में बताया है कि उसकी बेटी सुशीला की शादी मोदर निवासी रोशनलाल पुत्र वीरमदास से हुई। धमकी देकर उसने प|ी को निकाल दिया था। उसने धमकी दी थी कि सुशीला को उसके पीहर के लोगों के साथ उड़ा देगा। जीतमल ने पुलिस को बताया कि उसका दामाद रोशनलाल, सहयोगी हमनाम गेजी निवासी रोशनलाल मोदर निवासी विजय पुत्र धनजी गमेती रात 10 बजे तक साथ-साथ देखे गए थे। पुलिस ने इसी संदेह के आधार पर जमाई रोशनलाल विजय गमेती को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

नहीं तो उड़ जाते छह जनों के चिथड़े

विस्फोटके कारण मकान का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ। सामान भी टूटा है। विस्फोटक डिवाइस बनाने में आरोपियों को संभवतया महारत हासिल नहीं थी। इसी कारण ब्लास्ट सफल नहीं हो सका और सभी की जान बच गई। हालांकि सभी लोग सर्दी के कारण ओढ़कर सोए थे, इसी कारण छर्रे भी उड़कर सीधे किसी को नहीं लगे। आरोपियों ने छत से केलू हटाकर तार के जरिए डिवाइस घर में उतारी थी और बाहर से कंट्रोल पैनल जोड़कर धमाका किया, इसी कारण वे भी धमाके की चपेट में नहीं आए। उल्लेखनीय है कि आरोपी पीड़ित दोनों ही परिवार पेशे से कृषक हैं। ऐसे में पुलिस अब इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि आरोपियों को ब्लास्ट करने का सामान इसकी तकनीक कहां से मिली।

ब्लास्ट के बाद एकत्र लोग और जानकारी लेते पुलिस अधिकारी।

महुंडी के एक कवेलुपोश मकान में हुए ब्लास्ट से हुए नुकसान के बारे में बताता पीड़ित।

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