पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • एसएफआई कार्यकर्ताओं पर पुलिस केस के खिलाफ उतरी बीपीवीएम

एसएफआई कार्यकर्ताओं पर पुलिस केस के खिलाफ उतरी बीपीवीएम

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
डूंगरपुर। एसएफआईकार्यकर्ताओं के खिलाफ हुए पुलिस केस को हटाने के समर्थन में अब बीपीवीएम भी उतर गई है। बीपीवीएम ने एसबीपी कॉलेज गेट पर प्रदर्शन कर मुकदमे हटाने की मांग रखी।

भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा के कार्यकर्ता एसबीपी कॉलेज गेट पर दोपहर एक बजे इकट्ठा हुए। छात्रसंघ अध्यक्ष उमेश मीणा के नेतृत्व में सभी एसएफआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ 17 जुलाई को हुए पुलिस केस को हटाने की नारेबाजी कर रहे थे। उनका कहना था कि भले ही छात्र संगठन अलग हों, लेकिन वे भी छात्रों कॉलेज हित में आंदोलन कर रहे थे। इस पर पुलिस केस करके सरकार दमनकारी नीति चला रही है, जिससे उनकी आवाज दबाई जा सके। इसके विरोध में संगठन आवाज बुलंद करेगा। इसके लिए दो दिन का समय दिया गया है। इसके बाद उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

छात्र नेता पंकज गमेती, पोपट खोखरिया, मुकेश हिरात, लीलालराम परमार, योगेश खाट, पंकज खाट, भूपेंद्र कटारा, निखलेख खराड़ी, दिलीप कलासुआ, हिम्मत कलासुआ, नीरज मसार, नरेश रोत, परेश अहारी, राकेश कलासुआ, राजेंद्र रोत, कृपाल रोत, संजय जोयाला, प्रभु अहारी ने विचार व्यक्त किए।





दाखिला सभी का हो तो

वक्ताओंने कहा कि फर्स्ट ईयर में जितने भी आवेदन हुए, उन सभी को एडमिशन दिलाया जाए। इसके लिए अलग से सूची जारी हो। वर्तमान में एसटी के लिए आरक्षण 45 प्रतिशत के लिए लागू है, लेकिन कॉलेजों में यह 12 फीसदी ही दिया जा रहा है। ऐसे में एसटी का कोटा बढ़ाया जाए।

डूंगरपुर। एसबीपी कॉलेज गेट को बंदकर सभा करते बीपीवीएम कार्यकर्ता।

खबरें और भी हैं...