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डूंगरपुर में घायल युवक का मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के लिए मांगी थी एक हजार की रिश्वत, कमरे की तलाशी में मिले साढ़े 61 हजार

7 वर्ष पहले
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दुर्घटना में घायल युवक का मेडिकल प्रमाण-पत्र बनाने की एवज में 700 रुपए की रिश्वत लेते जिला अस्पताल के मेडिकल ज्यूरिस्ट को रंगेहाथों गिरफ्तार किया गया है। उसके कमरे की तलाशी में 61 हजार 500 रुपए बरामद किए गए हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो डूंगरपुर के डीएसपी कन्हैयालाल गुर्जर ने बताया कि श्रीहरिदेव जोशी राजकीय अस्पताल के मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉ. जयप्रकाश वाल्मिकी को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर प्रगतिनगर में स्थित उसके किराये के कमरे की भी तलाशी ली गई।

दोवड़ा थाना क्षेत्र के रघुनाथपुरा निवासी सुखलाल डामोर पुत्र भाणा डामोर ने सोमवार सुबह रिपोर्ट देकर बताया कि उसके पुत्र दिलीप डामोर (19) का 10 सितंबर को दुर्घटना हो गई थी। जिसमेें पैर फ्रेक्चर हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती करवाया था। पुलिस केस के लिए डॉ. वाल्मिकी के पास गया तो उसने एक हजार रुपए मांगे। शेष| पेज 10

शिकायतपर सोमवार को एसीबी ने मामले का सत्यापन करवाया। पुष्टि होने के बाद शाम को सुखलाल डामोर 700 रुपए लेकर अस्पताल गया। अस्पताल के मेडिकल ज्यूरिस्ट कमरे में ही 700 रुपए डॉक्टर को दे दिए। सूचना पाते ही एसीबी की टीम पहुंच गई और डॉ. वाल्मिकी को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई टीम में एसीबी के दिलीपसिंह, नेपालसिंह, गणेशप्रसाद, नारायणलाल, टीकाराम शामिल थे।



4 दिन पहले हुई थी दुर्घटना

सुखलाल ने रिपोर्ट में बताया था कि उसके पुत्र दिलीप डामोर का 10 सितंबर को दोवड़ा थाने के सामने टेंपो के साथ एक्सीडेंट हुआ था। दिलीप बाइक के पीछे बैठा हुआ था। इस घटना में उसका पैर फ्रेक्चर हो गया था। घायल होने पर उसे अस्पताल में भर्ती करवाया था और पुलिस केस के लिए मेडिकल की जरूरत थी।



बीकानेर आवास पर भी तलाश



एसीबी के डीएसपी कन्हैयालाल गुर्जर ने बताया कि डॉ. वाल्मिकी के बीकानेर देशनोक स्थित आवास पर भी तलाश करवाई जा रही है।

2006 में भी पकड़ा गया था



एसीबी टीम को पूछताछ में डॉ. वाल्मिकी ने बताया कि वर्ष 2006 में नागौर अस्पताल में ड्यूटी के दौरान 3 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। यह मामला जोधपुर एसीबी कोर्ट में विचाराधीन है

डूंगरपुर। रिश्वत के आरोपी डॉ. जयप्रकाश वाल्मिकी के हाथ धुलवाते एसीबी टीम।