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रेल परियोजनाओें की रफ्तार तेज होने की बढ़ी उम्मीद
रेलवेको पर्याप्त भूमि नहीं मिलने से मंथर गति से चल रहा डूंगरपुर बांसवाड़ा रतलाम रेल लाइन के कार्य अब तेजी पकड़ सकता है। राज्य सरकार ने नए भूमि अधिग्रहण कानून को हरी झंडी दे दी है। पहले भूमि अधिग्रहण कानून में फेक्टर तय नहीं हो पाया था लेकिन अब इसे लेकर सारी दिक्कतें दूर हो गई है।
भूमि अधिग्रहण कानून के तहत फैक्ट तय नहीं होने से डूंगरपुर में 0 से 17 किमी के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई थी। इसमें भी मात्र लोगों को भूमि का मुआवजा दिया गया है। प्रॉपर्टी और पेड़ पौधों का मुआवजा देना बाकी है। शहर के पेरा फेरी क्षेत्र के गांवों में ने मुआवजा लेने से इनकार कर दिया है ऐसे में चार गांवों के लोगों ने मुआवजा नहीं लिया है। इधर, रेलवे की ओर से तो सारी प्रक्रिया पूरी कर दी गई है। रेलवे ने 2 हजार करोड़ का पार्ट डिटेल एस्टिमेट बनाकर रेलवे बोर्ड दिल्ली को भेज दिया है।
लेकिन रेलवे को भूमि नहीं मिल पा रही है। ऐसे में पूरा प्रोजेक्ट अटका हुआ है। इधर, अब भूमि अधिग्रहण कानून को राज्य सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद रेलवे के अधिकारी भी लगाए बैठे हैं।
फैक्ट फाइल
कुल लंबाई : 191.8 किमी
सुरंग और लंबाई : 7 सुरंग जो 7.40 किमी. लंबी होगी
मोड़ : 43
स्टेशन : 19
अधिग्रहण योग्य सरकारी भूमि : 451.93 हैक्टेयर
अधिग्रहण योग्य निजी भूमि : 116 1.24 हैक्टेयर
यह था मामला
केंद्रसरकार ने 2013 को नए भूमि अधिग्रहण कानून लागू किया गया था। इसके तहत भूमि अवाप्ति की मुआवजा राशि तय करने के लिए राज्य सरकारों को डीएलसी दर के अनुसार फैक्टर तय करना था। यहीं फैक्टर तय नहीं होने से डूंगरपुर बांसवाड़ा रतलाम रेल लाइन के लिए भूमि अधिगृहीत नहीं हो पा रही थी। जिससे परियोजना अटकी हुई थी।