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डूंगरपुर में 5 हजार की रिश्वत लेते संविदा लिपिक गिरफ्तार
डूंगरपुर| नवाडेरामें पैतृक मकान का पट्टा देने की एवज में पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते नगर परिषद में संविदा पर कार्यरत कनिष्ठ लिपिक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी नगरपरिषद में कनिष्ठ लिपिक के पद से मार्च में सेवानिवृत्त हुआ था। इसके बाद से संविदा पर कार्यरत है।
एसीबी के डीएसपी कन्हैयालाल गुर्जर ने बताया कि नगर परिषद की निर्माण शाखा में लगे सेवानिवृत्त कनिष्ठ लिपिक महेंद्रसिंह सोलंकी को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया है। ये रुपए निर्माण शाखा में टेबल की दराज में डाल दिए थे, जिन्हें बरामद कर लिया है। एसीबी मामले में छानबीन कर रही है। गुरुवार को उसे उदयपुर एसीबी विशिष्ट न्यायालय में पेश किया जाएगा। कार्रवाई में एसीबी से दिलीपसिंह, नेपालसिंह, सत्येंद्र, नारायणलाल शामिल थे।
10से 15 हजार में होता है काम, तुम्हारे लिए 5 हजार मैं कर दूंगा : नवाडेरानिवासी सुलेमान भाई का नवाडेरा में ही पैतृक मकान है। उन्होंने स्टेट ग्रांट एक्ट के तहत पट्टा लेने के लिए नगर परिषद में 25 सितंबर, 2013 को आवेदन किया था। उस समय महेंद्रसिंह कनिष्ठ लिपिक थे। शेष| पेज 10
लंबेसमय तक पट्टा प्राप्त नहीं होने पर सुलेमान के पुत्र युसुफ ने महेंद्रसिंह से संपर्क किया। 15 सितंबर को युसुफ ने पट्टा देने के लिए कहा, तो महेंद्रसिंह ने कहा कि पट्टे के लिए 10 से 15 हजार रुपए लगते है, लेकिन तुम्हारे लिए 5 हजार में काम हो जाएगा। इस पर सौदा तय हुआ। 16 सितंबर को महेंद्रसिंहमौका देखने गए। बुधवार सुबह युसुफ ने इसकी शिकायत एसीबी में की। इस पर एसीबी ने रिश्वत मांगने के मामले का सत्यापन करवाया, जिसमें पुष्टि हुई। इसके बाद शाम को युसुफ 5 हजार रुपए लेकर नगर परिषद गया, जहां रुपए दे दिए। इधर, इशारा मिलते ही एसीबी की टीम पहुंच गई और रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।