तीन स्कूलों में नहीं है एक भी छात्र
तहसीलक्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में करोड़ों की लागत से बनाए विद्यालय भवन छात्रों के अभाव में वीरान पड़े हैं। छात्र नहीं होने से अध्यापक दिनभर अपना काम कर शाम को लौट आते है। धुआंकलां ग्राम पंचायत के पालगंज, किशनपुरा, कंवरपुरा गांव के स्कूलों में तीन माह से छात्र पढ़ने नहीं रहे हैं। सरकार की ओर से हाल ही समायोजन किए गए स्कूलों में इन विद्यालयों को समायोजित भी नहीं किया गया। देवली बीईओ सीताराम मीणा का कहना है कि इन विद्यालयों में नामांकन नहीं है। द्वितीय चरण में इन विद्यालयों को अन्य विद्यालयों में मर्ज किए जाने की उम्मीद है।
मैंबच्चों को पढ़ाना चाहता हूं
धुआंकलांग्राम पंचायत के किशनपुरा गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत अध्यापक हनुमान माली ने कहा कि विद्यालय में छात्र नामांकन घटता जा रहा था। इसकी सूचना प्रतिमाह भेजी जाती है। सरकार हमें लाखों रुपए वेतन के रूप में देती है। मैं तो बच्चों को पढ़ाना चाहता हूं, लेकिन छात्र ही नहीं आते हैं।