पुलिस की तीन टीमें देवकरण की तलाश में
क्षेत्रके बरेड़ी गांव के जंगल में 9 सितंबर को मां-बेटी की हत्या के समय से लापता व्यक्ति को तलाश करना पुलिस की पहली प्राथमिकता बन गई है। उसके मिलने पर डबल मर्डर का खुलासा होने की अधिक संभावनाएं है। इसलिए पुलिस की तीन टीमें उसे लगातार संभावित जगह तलाश कर रही हैं, लेकिन 5 दिन बाद भी इसमें सफलता नहीं मिल पाई है।
नयागांव से दिन में लकड़ी लाने के लिए जंगल में निकले परिवार के 3 सदस्यों में से नर्बदा बाई(40) और बेटी मंजूबाई (15) की हत्या कर बदमाश उनके सोने के आभूषण ले गए। गत 10 सितंबर की सुबह गांव से करीब 3 किमी दूर मां-बेटी के शव जंगल मिले थे। वारदात का पता चलने पर ग्रामीणों और पुलिस ने पूरा जंगल छान मारा, लेकिन उनके साथ गए देवकरण का पता नहीं चला। आरएसी और डॉग स्क्वायड की इसमें मदद ली गई, जिसमें वारदात के समय से लापता व्यक्ति के जंगल से बाहर निकलने के संकेत मिले। तब से उसे आस-पास के गांव, रिश्तेदार और संभावित स्थानों पर तलाश किया जा रहा है। पुलिस की तीन टीमें इस काम में लगी हुई है। रविवार को एसएचओ खुमानसिंह भानावत समेत तीन टीमें बनाकर घाटौली, अकलेरा और असनावर क्षेत्र में भेजी गई हैं। उसके भूमिगत होने की भी संभावना जताई जा रही है। खानपुर डीएसपी भोपाल सिंह लखावत ने बताया कि देवकरण वारदात का चश्मदीद है, इसलिए उसका मिलना अहम है।
यह था मामला
नयागांवनिवासी देवकरण गुर्जर, प|ी नर्बदा और बेटी मंजूबाई मंगलवार सुबह 10 बजे लकडिय़ां लाने के लिए घर से निकले थे। बुधवार सुबह गांव से तीन किमी दूर जंगल में मां-बेटी के शव मिले। उनकी गर्दन पर धारदार हथियार से गंभीर वार किए गए। हत्या के बाद बदमाश नर्बदा बाई का मंगल सूत्र और कानों की मुरकियां और बेटी के गले का ताबीज ले गए। इसका पता चलने पर देवकरण को जंगल में ढूंढा लेकिन उसका पता नहीं चला।