आरएएस मुख्य परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न-5
73. भाषायीआधार पर राज्यों के पुनर्गठन के लिए किये गये प्रयासों की समीक्षा कीजिए। इसके परिणामों को भी चिह्नित कीजिए।
74.‘‘साइमन कमीशनने अप्रत्यक्ष रूप से और अस्थायी तौर पर ही सही, देश के विभिन्न समूहों और दलों को एकजुट कर दिया।’’
75.भारतीयराष्ट्रीय आन्दोलन में महिलाओं की राजनीतिक भूमिका की समीक्षा करें। उनके योगदान के परिणामों का भी उल्लेख करें।
76.‘‘असहयोगआन्दोलन ‘गाँधी ध्वनि’ की ‘प्रतिध्वनि’ था, इसने समर्थकों और विरोधियों को भी सिर्फ रेखांकित किया बल्कि गाँधी जी को सर्वमान्य नेता भी बना दिया।’’ इस कथन के सन्दर्भ में अपना मत व्यक्ति कीजिए।
77.जनजातीयआन्दोलनों के उदय के कारण बताते हुए राष्ट्रीय आन्दोलन में इनकी भूमिका का निर्धारण कीजिए।
78.भारतमें राष्ट्रवाद के उदय के कारणों की समीक्षा कीजिए।
अथवा
‘‘भारत में राष्ट्रवाद वास्तविक अर्थों में अंग्रेजों की ही देन कहा जा सकता है, वे बुरे अवष्य थे परन्तु उन्होंने हमें यह अच्छाई अवष्य सिखा दी थी।’’
79.भारतमें सामाजिक और धार्मिक सुधार आन्दोलन के लिए उत्तरदायी कारणों की समीक्षा करते हुए आधुनिक भारत के निर्माण में इसके योगदान को निर्धारित कीजिए।
80.भारतीयशासन अधिनियम, 1935 का भारतीय संविधान पर प्रभाव
81.1935के अधिनियम से पूर्व की ओर नहीं लौटा जा सकता था। इस कथन पर चर्चा कीजिए।
82.संविधानके आन्तरिक एंव बाहृ स्रोतों का विश्लेषण कीजिए।
83.भारतीयसंविधान की प्रस्तावना में निहित मुख्य सिद्धान्तों की व्याख्या कीजिए। उनका क्या महत्त्व है? क्या आप समझते हैं कि वे देश की राजनीतिक जन्मकुण्डली हैं? विवेचना कीजिए।
84.‘‘संसदनए राज्यों के निर्माण एवं विनाश का केन्द्र-बिन्दू है।’’ इस कथन की व्याख्या कीजिए।
अथवा
भारत में नए राज्यों के निर्माण की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
अथवा
‘‘भाारत विनाशी राज्यों का अविनाशी संघ है।’’ व्याख्या कीजिए।
84.दोहरीनागरिकता से आप क्या समझते हैं? भारत में दोहरी नागरिका सम्बन्धी किए गए प्रयासों की चर्चा करते हुए भारत में दोहरी नागरिकता के लाभ हानि पर चर्चा कीजिए।
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फतेहपुर एसडीएम पुष्करराजशर्मा का कहना है कि परीक्षा की चुनौती से निबटने के लिए इसके हर स्तर पर सटीक तैयारी और अच्छी खासी मेहनत की जरूरत होती है। तैयारी के लिए अपनाया जाने वाला प्रभावशाली तरीका भी तैयारी का एक भाग होता है। यही वजह है कि मैटर को जानने के साथ इसे काम में लेने के सब से अच्छे तरीके की तलाश भी की जानी चाहिए।
{सूचनाएंलिखने से ज्यादा आसानी से याद होती हैं।
{इससे सोचे हुए को लिखने का अभ्यास होता है, जिस पर निबंध या मुख्य परीक्षा का स्कोर बहुत ज्यादा निर्भर है।
{अच्छी तरह से बनाए नोट्स की वजह से मोटी-मोटी किताबों के प्रति ऊब कम होगी और कम समय में बार-बार रिवीजन के लिए प्रेरित होंगे।
जॉब
भारतीयवानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद ने वैकेंसी निकाली है। उम्मीदवार 22 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। -
{पदकानाम : साइंटिस्टB
{पद: 08{उम्रसीमा : 30साल
{योग्यता: संबंधितस्ट्रीम में एमएससी की डिग्री
{लिंक:www.icfre.org
-प्रो. रमेश शर्मा
(किंग्सएकेडमी ध्येय IAS)
पुष्करराज शर्मा