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भाजपा विधायकों के रिपोर्ट कार्ड में खर्रा सबसे पीछे

7 वर्ष पहले
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सीकर. भाजपा सरकार एक साल के कार्यकाल का जश्न शनिवार को जयपुर में मनाने जा रही है। जिले से भी 21 हजार कार्यकर्ता विधायक-सांसद भी जश्न में शामिल होने जाएंगे। भास्कर ने एक साल के कार्यकाल की पड़ताल की।

सामने आया कि विकास के मुद्‌दे पर जीतकर आए भाजपा विधायक पैसा खर्च करने में कंजूसी कर रहे हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष और श्रीमाधोपुर विधायक झाबरसिंह खर्रा ने तो विधायक कोटे से मिलने वाले दो करोड़ रुपए में से एक रुपया भी पहले साल में खर्च ही नहीं किया है। जबकि कुछ विधायक 50 फीसदी से ज्यादा राशि खर्च कर सके हैं। विधायकों को एक साल के लिए दो करोड़ रुपए मिलते हैं।

विधायक खर्रा ने इसमें एक रुपए के काम की भी सेक्शन नहीं की। सीकर और फतेहपुर विधायक भी पैसा खर्च करने में पीछे हैं।

सांसद ने भी पांच में से सिर्फ दो करोड़ खर्च किए : सांसदोंको एक साल में पांच करोड़ रुपए मिलते हैं। सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने अभी तक दो करोड़ के ही काम स्वीकृत किए हैं। 15 तो ऐसे हैं जो अभी तक शुरू ही नहीं हुए। विधायकों में नंदकिशोर महरिया ने 89 लाख ही खर्च किए हंै। सबसे आगे प्रेमसिंह बाजौर हंै। इन्होंने अपने कोष से अभी तक 1.96 करोड़ की राशि के विकास कार्य स्वीकृत कर दिए हैं। यह सच विधायक कोष का है। विधायक टंकी, ट्यूबवैल, नाली सड़क जैसे कामों पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं।

विधायक कोष से एक रुपया भी खर्च नहीं करने वाले भाजपा जिलाध्यक्ष झाबरसिंह खर्रा ने कहा कि हर गांव को सड़क से जोड़ने के लिए नरेगा में डब्ल्यूबीएम सड़क बनाई। विधायक कोटे से डामरीकरण होगा। अब तक की उपलब्धि पर बोले-इलाके में किसी भी हार्डकोर अपराधी की गतिविधि संचालित नहीं है।

हकीकत: इलाके के कई हार्डकोर अपराधी अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।

शहर विधायक रतनलाल जलधारी सबसे बड़ी उपलब्धि नवलगढ़ रोड राधाकिशनपुरा में गंदे पानी की निकासी के लिए रेलवे से मंजूरी दिलाई। 300 सड़कें बनाई।

नगर परिषद का कहना है कि अभी तक पानी निकासी के लिए स्वीकृति के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

खंडेला विधायक बंशीधर बाजिया का कहना है कि 14 ग्राम पंचायतों में गौरव पथ के टेंडर करा दिए हैं। कई जगह सड़कों की मरम्मत कराई। आचार संहिता के कारण ज्यादा काम नहीं हो सके।