पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • फतेहपुर में भाजपा ने कांग्रेस से छीनी जीत

फतेहपुर में भाजपा ने कांग्रेस से छीनी जीत

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
धोद में कांग्रेस-भाजपा ने माकपा को हरा दिया

यहां 27 में से कांग्रेस को 11 सीटें मिली थी। ऐसे में उनका प्रधान बनना तय था। पार्टी में बगावत हो गई और एक सदस्य ने निर्दलीय पर्चा दाखिल कर दिया। हालांकि कांग्रेस ने तीन निर्दलीयों को पक्ष में कर लिया लेकिन पार्टी के चार वोट भाजपा के खाते में चले गए। इसी वजह से भाजपा की सुनीता कड़वासरा प्रधान बन गई। उन्हें 15 वोट मिले जबकि कांग्रेस की सुधेश 12 वोट ही ले पाई। कांग्रेस के 20 साल से ब्लॉक अध्यक्ष कुरड़ा राम ही पार्टी के खिलाफ चले गए और भतीजे की बहू को निर्दलीय पर्चा भरवा दिया।

इन्हींके नाम पर क्यों बनी सहमति? : सुनीतापूर्व प्रधान ज्यादा देवी जाखड़ भाजपा नेता भागीरथ जाखड़ की बेटी हैं। ऐसे में भाजपा की तरफ से इनका नाम पहले से ही तय था। कांग्रेस के जो सदस्य भाजपा के साथ आए वे भी इनके रिश्तेदार थे जो इन्हीं के नाम पर सहमति बनने के कारण भाजपा में आए। भाजपा नेता मधू सुदन भिंडा के करीबी होने का भी फायदा मिला।

धोद| यहांके परिणाम सबसे ज्यादा चौंकाने वाले रहे। किसी को भी उम्मीद नहीं थी िक सबसे ज्यादा 11 सीटें होने के बावजूद माकपा का प्रत्याशी प्रधान का चुनाव हार जाएगा। इस हार की बड़ी वजह रही भाजपा और कांग्रेस का एक साथ आना। निर्दलीय भी इनके साथ हो गए और कांग्रेस की टिकट पर जीतकर निर्दलीय प्रधान का चुनाव लड़ रहे झीगर को जीता दिया। झीगर को 14 वोट मिले और माकपा के झाबरमल को सिर्फ 11 वोट।

फतेहपुर| प्रधानके चुनाव के दौरान शनिवार को फतेहपुर में कांग्रेस के समीकरण बदल गए। पार्टी में बगावत के बाद एक निर्दलीय ने पर्चा दाखिल कर दिया। भाजपा को इस बगावत का फायदा मिला। भाजपा की सुनीता को 15 और कांग्रेस की सुधेश को 12 वोट मिले। बहुमत के बावजूद कांग्रेस फतेहपुर में प्रधान नहीं बना पाई। कांग्रेस की इस अनपेक्षित हार का एक बड़ा कारण ब्लॉक अध्यक्ष के पार्टी के खिलाफ जाने को माना जा रहा है।

भाजपा ने कांग्रेस का साथ क्यों दिया?

भाजपाजिलाध्यक्ष झाबरसिंह खर्रा ने बताया कि रिजल्ट की रात माकपा ने गुंडागर्दी की। कभी-कभी कुछ फैसले ऐसे भी लेने पड़ते हैं जो नहीं लेने चाहिए। जहां तक पहल की बात है तो दोनों पार्टियों ने पहल की।

रणनीतिके तहत नहीं दिया सिंबल

कांग्रेसजिलाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने बताया कि रणनीति के तहत सिंबल नहीं दिया। भाजपा के सहयोग के बारे में पूछने पर कहा कि हमारा प्रत्याशी उतारा था। वोट किस-किसने दिए, कुछ नहीं कह सकते।

निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले ओमप्रकाश झीगर के विजय जुलूस में जीप पर भाजपा कांग्रेस के नेता भी सवार थे।

बीएड कर रही है सुनीता : 23वर्षीय सुनीता बीएससी करने के बाद बीएड की पढ़ाई कर रही हैं। उनके पिता भागीरथ मल जाखड़ पंचायत समिति सदस्य रह चुके हैं और दो बार विधायक का चुनाव भी लड़ चुके हैं। मां ज्यानादेवी जाखड़ 2005 में पंचायत समिति की प्रधान रही।

मामलेमें कांग्रेस का बयान : कांग्रेसजिलाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा का कहना है कि फतेहपुर में प्रधान नहीं बनाने का अफसोस है। जानकारी मिली है कि कुछ सदस्यों ने बगावत की। इसकी जांच करवा रहे हैं। ब्लॉक अध्यक्ष ने बगावत की या नहीं, इस बारे में कह नहीं सकते।

फतेहपुर. जीत हासिल करने के बाद नगरपालिका अध्यक्ष मधु भिंडा, सुनीता प्रधान विकास भाकर।