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जो शपथ पत्र जरूरी ही नहीं, उसके लिए अवैध रूप से 100 रुपए तक वसूल रहे

7 वर्ष पहले
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अरविंद शर्मा/धर्मेंद्र नाथावत | सीकर

पेंशनधारियोंको नोटेरी किए हुए आय के शपथ पत्र देकर 50 से 100 रुपए तक अवैध रूप से वसूले जा रहे हैं। धोद में अब तक करीब 250 लोगों को ठगा जा चुका हैं। भामाशाह शिविर में पेंशनधारकों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। जिसमें उन्हें आय का प्रमाणपत्र देना है। धोद में 17 को शिविर है। इसी का फायदा उठाते हुए लोगों से अवैध तरीके से पैसे वसूले जा रहे हैं। जबकि सरकार की तरफ से शपथ पत्र की अनिवार्यता नहीं रखी गई है। स्वयं का सत्यापन भी चल सकता है।

दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि मामले में एक गिरोह सक्रिय है। बाकायदा डाकियों के साथ मिलकर पेंशनधारकों की सूची भी ली गई है। धोद के श्रीराम टेलर से 50 रुपए लेकर इन्हें शपथ पत्र भी दे दिया गया। टेलर ने बताया कि शपथ पत्र देने वाला व्यक्ति दुकान पर आया था। उसने अपने आपको सरकारी कर्मचारी बताया और कहा कि उसे शपथ पत्र बांटने का टेंडर मिला है। अब तक धोद में कई लोगों को यह शपथ पत्र बांटे जा चुके हैं। ग्रामीण शपथ पत्र लेकर सरपंच के पास हस्ताक्षर कराने पहुंचे। सरपंच ने जब इसकी जांच की तो पाया कि यह फर्जी है। सरपंच ने ऐसे कई शपथ पत्र जब्त किए हैं।

अपने साथ हुई ठगी के बारे में बताते श्रीराम टेलर।

सरकार के नियम : कोई नोटेरी और स्टांप की जरूरत नहीं

जिलाभामाशाह अधिकारी सांख्यिकी विभाग के सहायक निदेशक नरेंद्र भास्कर ने बताया कि भामाशाह शिविर के लिए पेंशनधारकों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। आय प्रमाण मांगा जा रहा है लेकिन इसमें सरकार ने नोटेरी और स्टांप की अनिवार्यता नहीं रखी है। किसी भी ग्राम सेवक और पटवारी के स्तर पर भी वेरिफिकेशन किया जा सकता है। स्वयं का घोषणा पत्र भी दिया जा सकता है। वार्ड पार्षद, सरपंच आदि से सत्यापित प्रमाण पत्र भी आय प्रमाण पत्र के सहायक दस्तावेज के रूप में लिया जा सकता है।

भास्कर ने जब शपथ पत्र बांटने वाले से बात की तो सामने आई ये हकीकत

एक व्यक्ति को 30 शपथ पत्र कैसे दे दिए। जबकि नोटेरी दस्तावेज के लिए संबंधित व्यक्ति का व्यक्तिगत उपस्थित होना जरूरी है।

अलग-अलग गांवों में यह शपथ पत्र दिए जा रहे हैं, अब सवाल यह है कि प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा।

इन लोगों के पास पेंशनधारकों की सूची कहां से आई। क्या डाकियों और कर्मचारियों ने मुहैया कराई?

इन सवालों के चाहिए जव