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जिला मुख्यालय पर कहीं नहीं हुआ स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण

7 वर्ष पहले
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सीकर. चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने भले ही सरकारी अस्पतालों की दशा सुधारने के लिए विशेष निरीक्षण के निर्देश जारी किए हों, लेकिन बुधवार को निरीक्षण के पहले दिन सीकर मुख्यालय पर इसका असर कहीं देखने को नहीं मिला, जबकि शहर में एसके अस्पताल सहित दो बड़ी डिस्पेंसरियां हैं। मरीज रोज परेशानी से दो चार हो रहे हैं। वहीं निरीक्षण करने वाले अधिकारियों का कहना था कि अभी निरीक्षण का समय काफी लंबा है, बाद में कर लेंगे।

चिकित्सा मंत्री राठौड़ ने सरकारी अस्पतालों की स्थिति सुधारने के लिए 10 से 25 दिसंबर तक विशेष निरीक्षण के निर्देश जारी किए थे। इस दौरान चिकित्सा अधिकारियों द्वारा यह देखा जाना था कि संबंधित स्वास्थ्य केंद्र पर क्या कमियां हैं और इन्हें कैसे दूर किया जा सकता है। भास्कर टीम जब शहर के तीन प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों पर पहुंची तो पता लगा कि निरीक्षण के लिए पूरे दिन कोई नहीं पहुंचा। सिटी डिस्पेंसरी नंबर दो पर सुबह 11 बजे बाद मरीजों की भीड़ लगी हुई थी। स्टाफ ने बताया कि डॉक्टर सुबह-सुबह मरीजों को देखकर जा चुके हैं, जबकि डिस्पेंसरी का प्रतिदिन दो सौ का आउटडोर रहता है और सुविधा के नाम पर मात्र एक डॉक्टर लगा रखा है।
दोपहर एक बजे तक डॉक्टर का इंतजार करने के बाद भी जब वे नहीं लौटे तो मरीजों को बिना दिखाए ही लौटना पड़ा। इलाज के लिए आए रामप्रसाद, अभय सिंह अमरचंद का कहना था कि इलाज दवा तो बाहर से ही लेनी पड़ेगी। इधर, सिटी डिस्पेंसरी नंबर एक पर भी मरीजों का दर्द कहीं कम होता नहीं दिखाई दिया।

जांच के लिए सुविधा का अभाव होने के कारण मरीज परेशान होते रहे। ड्रेसिंग इंजेक्शन रूम एक होने पर मरीजों को परेशानी होती है। जबकि एसके अस्पताल में सोनोग्राफी एक्सरे कराने आए मरीज बैठने की जगह के अभाव में परेशान होते रहे। ऑक्सीजन सिलेंडर तक मरीज ही घसीटते रहे। अस्पताल में दवा भी पूरी नहीं मिली।

अधिकारियों के जवाब : जयपुर जोन के संयुक्त निदेशक डॉ. केके शर्मा का कहना था कि दौसा स्थित अस्पताल का निरीक्षण किया था। शुक्रवार को अलवर 20 दिसंबर को एसके अस्पताल का निरीक्षण करूंगा। एक दिन में एक ही जगह का निरीक्षण हो पाता है।