- Hindi News
- नर्सिंग स्टाफ से तीन दिन में मांगा स्पष्टीकरण
नर्सिंग स्टाफ से तीन दिन में मांगा स्पष्टीकरण
एसके अस्पताल में 11 दिन बाद भी नहीं आए इंसुलिन इंजेक्शन
सीकर. एसकेअस्पताल में 11 दिनों से इंसुलिन इंजेक्शन दवा काउंटरों पर उपलब्ध नहीं हैं। जबकि अस्पताल में प्रतिदिन डेढ़ दर्जन से अधिक डायबिटीज रोगी पहुंचे रहे हैं। मरीजों को मजबूरन बाहर से इंजेक्शन खरीदने पड़ रहे हैं। शनिवार को अस्पताल में आए कैलाश, मोमिन अमृता देवी ने बताया कि कई दिनों से इंजेक्शन के लिए चक्कर लगा रहे हैं। हर बार यही कह कर टाल दिया जाता है कि एक दो दिन में इंजेक्शन जाएंगे।
लगाईवजन नापने की मशीन : एसकेअस्पताल में स्थित बच्चों के आउटडोर वाले कक्ष में 0 से पांच साल तक के बच्चों का वजन नापने के लिए मशीन लगाई गई है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मदन सिंह फगेड़िया ने बताया कि मशीन के जरिए इलाज के लिए आने वाले बच्चों का वजन लिया जाएगा।
>तथ्य कीजानकारी के लिए मंगलवार को आएगा शिकायतकर्ता : सोनोग्राफीसेंटरों पर लिंग परीक्षण की शिकायत करने वाले शिकायतकर्ता को तथ्य की जानकारी देने के लिए मंगलवार को सीएमएचओ ऑफिस में बुलाया गया है। सीएमएचओ डॉ. रतन मोदी ने बताया कि विभाग के टोल फ्री नंबर 104 पर सोनोग्राफी सेंटरों के बारे में शिकायत देने वाले को बुलाया है। उससे जानकारी ली जाएगी कि सेंटर पर किसका लिंग परीक्षण किया गया है।
>व्यवस्था सफाई रखने के लिए पाबंद किया : सीएमएचओडॉ. रतन मोदी ने शनिवार को जिले की कई पीएचसी सीएचसी का निरीक्षण किया। सीएमएचओ ने बताया कि बलारा ढांढ़ण पीएचसी सहित बेसवा, फतेहपुर रामगढ़ सीएचसी का निरीक्षण किया था। इन पर मौजूद स्टाफ कर्मचारियों को यहां व्यवस्थाओं साफ-सफाई के लिए पाबंद किया गया है।
नर्सिंग अधीक्षकों की ओर से एसके अस्पताल के वार्डों के निरीक्षण के दौरान यूनिफाॅर्म में नहीं मिलने वाले नर्सिंग स्टाफ से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है। नर्सिंग अधीक्षक गोपीचंद बजरंगलाल मीणा ने बताया कि नर्सिंग स्टाफ बिना यूनिफाॅर्म के मिले थे जिनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब सरकार यूनिफाॅर्म की राशि प्रतिवर्ष उन्हें देती है तो वे लोग यूनिफाॅर्म क्यों नहीं पहन कर आते हैं। निरीक्षण के दौरान भी वार्डों में कई अनियमितताएं मिली है, उनके बारे में भी संबंधित से जवाब मांगा गया है।