सीकर। मानसून आने में एक पखवाड़े की देरी होने के बावजूद इस साल मूंगफली की फसल किसानों की झोली भर रही है। पिछले साल जिले में एक अरब 56 लाख 40 हजार हैक्टेयर का औसत उत्पादन रहा।
इस साल मूंगफली की पैदावार सात क्विंटल प्रति हैक्टेयर ज्यादा होने की उम्मीद है। ऐसे में उत्पादन एक अरब 92 करोड़ तक पहुंच सकता है। जो पिछले साले की तुलना में 35 करोड़ 60 लाख रुपए ज्यादा रहेगा। कृषि विभाग के अनुसार पिछले साल जिले में मूंगफली की औसत उत्पादकता 17 क्विंटल प्रति हैक्टेयर रही थी।
जबकि इस साल फसलों की स्थित अच्छी रहने एवं कीट रोग नहीं आने की वजह से 24 क्विंटल तक उत्पादकता आने की उम्मीद है। ऐसे में प्रति हैक्टेयर सात क्विंटल पैदावार बढ़ने की उम्मीद है।
उत्पादन का गणित
बाजार मूल्य के मुताबिक फिलहाल मूंगफली के भाव चार हजार हैं। पिछले साल भी यही भाव रहे। एक हैक्टेयर में 24 क्विंटल औसत उत्पादन से किसान को 96 हजार रुपए की आमदनी होगी। कृषि विभाग के अनुसार इस साल खरीफ सीजन में मूंगफली की औसत बुआई बीस हजार हैक्टेयर है। जिसकी औसत पैदावार एक अरब 92 करोड़ रुपए मानी जा रही है।
पिछले साल समय पर बारिश एवं अनुकूल मौसम नहीं होने की वजह से मूंगफली की औसत उत्पादकता 17 क्विंटल प्रति हैक्टेयर ही रही। हालांकि बुआई रकबा 23 हजार हैक्टेयर था। तीन हजार हैक्टेयर में बुआई ज्यादा होने के बावजूद प्रति हैक्टेयर 68 हजार और 23 हजार हैक्टेयर में एक अरब 56 करोड़ 40 लाख की आमदनी हुई।
बाजार में आएगी रौनक
खाद्य व्यापार संघ के अशोक चौधरी का कहना है कि खरीफ फसल में मूंगफली की पैदावार किसानों की नगद आमदनी का जरिया है। किसानों को मूंगफली के ज्यादा आमदनी मिलने से बच्चों की शादी, मकान बनाने वाहन खरीदने में खर्चे करेंगे। ऐसे में बाजार में भी रौनक आएगी।
मूंगफली इस साल बेहतर
अनुकूल मौसम रहने एवं बुआई के बाद फसल लगातार बारिश होने से मूंगफली फसल में अच्छा पकाव आया है। प्रति हैक्टेयर 23 से 24 क्विंटल तक मूंगफली की उत्पादकता रह सकती है। जो पिछले साल की तुलना में छह से सात क्विंटल तक ज्यादा रहेगी।