रोड निर्माण की हकीकत
फतेहपुर रोड की मरम्मत की मांग को लेकर प्रदर्शन, आंदोलन की चेतावनी
जगह-जगहसे टूटी हुई फतेहपुर रोड वाहन चालकों के साथ व्यापारियों और स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। हाल यह है कि आधा किलोमीटर दूरी में टूटी सड़क को पार करने पर उड़ने वाली मिट्टी से जहां वाहन चालक परेशान हो जाते रहे है, वहीं व्यापारियों के प्रतिष्ठान में धूल ही धूल भर जाती है।
समस्या के समाधान के लिए गुरुवार को फतेहपुर रोड संघर्ष समिति के नेतृत्व में व्यापारियों, पार्षद और स्थानीय लोगों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने पार्षद चांद खां मुगल, पूर्व पार्षद अकबर हुसैन, जाकिर खत्री के नेतृत्व में सरकार, सांसद, विधायक, जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चांद खां मुगल ने बताया कि इस टूटी हुई रोड से लोगों के घरों में भी मिट्टी जमा हो जाती है। शाम तक परत जम जाती है। यह बीमारी का कारण भी बन रही है।
फतेहपुर रोड की मरम्मत की मांग को लेकर रैली के रूप में व्यापारी स्थानीय लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे।
आश्वासन: 15 दिन में हो जाएगी रोड की मरम्मत : मामलेमें भास्कर ने जब सार्वजनिक निर्माण विभाग के एक्सईएन जेपी यादव से बातचीत की तो उन्होंने आश्वासन दिया कि रोड की मरम्मत का कार्य अगले 15 दिन के भीतर कर दिया जाएगा। रोड का निर्माण करने वाले ठेकेदार को कई बार मरम्मत करने के लिए नोटिस दिया था, लेकिन उसने कार्य करने से इनकार कर दिया था। इसके चलते देरी हुई है।
पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की
व्यापारियोंने कलेक्ट्रेट पर भी प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों को देखकर पुलिस ने एक बार तो कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के अंदर घुसने के प्रयास में पुलिस के साथ धक्कामुक्की भी हुई। इस प्रयास में पार्षद चांद खां मुगल के लोहे का एंगल भी लग गया। बाद में पार्षद ने कलेक्टर या एडीएम को गेट पर बुलाने की मांग की। करीब आधे घंटे बाद पांच-सात लोगों का प्रतिनिधि मंडल एसडीएम से मिलने गया। इस दौरान यूसुफ खां, आमीन पठान, मोहम्मद इब्राहीम, महेश कुमार, धर्मेंद्र सिंह, रमेश सिंह, सुरेश, सिकंदर सहित कई व्यापारी मौजूद थे।
फतेहपुर रोड और गोकुलपुरा रोड के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग ने 2011-12 में 4 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण कराने का टेंडर जारी किया था। करीब 4 किलोमीटर की फतेहपुर रोड के लिए कई बार प्रोज