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- 28 तक ठोस निर्णय हुआ तो चैन से शासन नहीं करने दूंगा
28 तक ठोस निर्णय हुआ तो चैन से शासन नहीं करने दूंगा
सभा में बैसला से सवाल- भाजपा क्यूं छोड़ी
कर्नलबैंसला के संबोधन से पूर्व सन्नू हवलदार मानपुर ने कर्नल से सवाल किया कि उन्होंने भाजपा क्यों छोड़ी? समाज के लोगों में संशय है कि यदि हम भाजपा में होते तो हमारा जूता सरकार के ऊपर होता। हम कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस में होते हैं, हमारा कोई धड़ा नहीं। ऐसे में राज्यभर में समाज के लोगों का विश्वास उठ गया है। इस पर कर्नल ने कहा कि वे भाजपा और कांग्रेस के गुलाम नहीं हैं। पार्टियां गुलामों को पालती हैं। उनका संबंध किसी पार्टी से नहीं बल्कि समाज के मुद्दों से है। साथ ही कहा कि मैं चुनाव लड़ा नहीं, मुझे चुनाव लड़वाया गया। उन्होंने राजनीतिक पार्टियों को 99 का पागलपन और एक का लाभ बताया। इस बीच हरप्रसाद तंवर ने कहा कि हमने विधानसभा चुनाव में 35 टिकट मांगे थे लेकिन नहीं दिए गए। राजपूतों को 42 टिकट दिए गए, इसलिए भाजपा को छोड़ दिया।
कार्यालय संवाददाता | गंगापुर सिटी
गुर्जरआरक्षण आंदोलन के सूत्रधार कर्नल किरोड़ी बैसला ने एक बार फिर हुंकार भरी है। बैसला ने मंगलवार को ट्रक यूनियन के पास एक मैरिज होम में समाज के लोगों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में उल्लेख किया कि यदि उनकी सरकार बनती है तो वे प्राथमिकता से एसबीसी आरक्षण का निस्तारण इसे 9वीं सूची में डलवाएंगी लेकिन सरकार बने 10 माह होने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
चार प्रतिशत का मामला कोर्ट में अटका हुआ है। इच्छाशक्ति का अभाव होने से सरकार ने एडवोकेट जनरल अब तक कोर्ट नहीं भेजा। हमारे कुछ नुमाइंदों ने मुख्यमंत्री को बरगलाने का कार्य किया, लेकिन मैं बिजली का वह टूटा हुआ तार हूं जिसमें अब भी करंट दौड़ रहा है। इस मौके पर मुखराज गुर्जर, रामकेश छंगा, शिवलाल खेड़ली, जीतू खटाना गुर्जर बड़ौदा आदि सहित समाज के कई लोग उपस्थित थे।
कर्नल बैसला ने मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री तक संदेश पहुंचाने के लिए कहा कि मैं प्रदेश में अशांति नहीं चाहता लेकिन औरों को मिल रहा है तो मुझे क्यों महरूम किया जा रहा है।
उन्होंने ताल ठोकी कि यदि 28 सितंबर से पूर्व सरकार ने एसबीसी आरक्षण के संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो चुप नहीं बैठूंगा। इस अवसर पर उन्होंने 28 सितंबर को हिंडौन सिटी के पास कटारा अजीज में होने वाली समाज की महापंचाय