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उत्तर पुस्तिकाओं में काट-छांट का मामला हाई कोर्ट पहुंचा
आंसर बुकलेट के पन्ने ही गायब
अब तक उत्तर पुस्तिकाओं में ओवरराइटिंग प्राप्तांकों में काट-छांट के ही मामले सामने रहे थे लेकिन मंगलवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया। छात्रा सोनल जिंदल ने हिंदी विषय की सत्य प्रतिलिपि प्राप्त की तो उसके मुख पृष्ठ पर स्कोर शीट में सभी 13 प्रश्नों के प्राप्तांक दिया जाना अंकित था लेकिन बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराई गई उत्तर पुस्तिका की सत्य प्रतिलिपि में मात्र 5 ही पेज थे जिनमें बमुश्किल पांच प्रश्न हल किए गए थे। पांचवें पृष्ठ पर बोर्ड सचिव की ओर से हस्ताक्षर मुहर अंकित की गई थी। ऐसे में सवाल यह उठता है कि उत्तर पुस्तिका के बाकी पेज कहां और किस स्तर पर गायब हुए और अगर छात्रा ने पांच ही प्रश्न अपनी उत्तर पुस्तिका में हल किए तो मुख पृष्ठ की स्कोर शीट में अन्य प्रश्नों के नंबर किस आधार पर दिए गए।
गंगापुर सिटी. माध्यमिकशिक्षा बोर्ड की अनुदेश पुस्तिका के मुख पृष्ठ पर परीक्षकों के िलए अंकित निर्देश।
कार्यालय संवाददाता | गंगापुर सिटी
माध्यमिकशिक्षा बोर्ड की सत्र 2013-14 में दसवीं की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के प्राप्तांकों में काट-छांट का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को छात्रा आस्था अग्रवाल के अभिभावक ने मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। छात्रा के पिता पुरुषोत्तम अग्रवाल मंगलवार को अजमेर पहुंचे और उन्होंने अपनी आपत्ति माशिबो के समक्ष दर्ज कराई। दूसरी ओर इस मामले की शिकायत सुगम पोर्टल के जरिए मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई गई है। सुगम के जरिए इस मामले की जांच अब आरपीएससी सचिव स्तर का अधिकारी करेगा। भले ही आस्था के पिता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया हो लेकिन न्यायालय से न्याय कब तक मिलेगा यह भविष्य बताएगा पर फिलहाल परीक्षार्थियों की अदालत में तो बोर्ड कटघरे में खड़ा हो ही गया है।
अनुदेशकी अनदेखी
माशिबोने प्रत्येक परीक्षक को परीक्षा के संबंध में 41 बिंदुओं के अनुदेश जारी करता है। इसमें अनुदेश पुस्तिका के मुख पृष्ठ पर ही उच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए बोर्ड ने परीक्षकों को कॉपी जांच करने में अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए चेताया। इसके बावजूद जिस प्रकार कॉपियों में काट-छांट अनियमितता सामने रही है, उसे देखकर लगता है कि बोर्ड के चेताने के बाद भी परीक्षकों के रवैये में कोई सुधार नहीं आया। बोर्ड ने अ