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मावठ ने बढ़ाई सर्दी

7 वर्ष पहले
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चौथ का बरवाड़ा. कस्बेमें शुक्रवार को बूंदाबांदी के दौरान भीगी सड़कें।

कड़ाके की सर्दी ही फसलों के लिए फायदेमंद

पढ़ाना|जिले में किसानों द्वारा गेहूं, सरसों सहित रबी की अन्य फसलों की बोआई की गई है लेकिन इन फसलों के लिए कड़ाके की सर्दी ही फायदेमंद हैं। इसके लिए अधिकतम तापमान 15 से 20 डिग्री सेल्सियस होना जरूरी है। इस तापमान में फसलों में गुणवत्ता आने के साथ साथ उसमें पैदावारी और बढ़वार भी उन्नत होती है, लेकिन अभी तक ऐसी सर्दी का जोर नहीं देखा जा रहा है। मौसम विभाग के पर्यवेक्षक बजरंगलाल जाट के अनुसार ठिठुरन और कंपकंपी छुड़ा देने वाली सर्दी ही फसलों के लिए फायदेमंद होगी। कृषि अधिकारी रामजीत के अनुसार लगभग 25 डिग्री सेल्सियस तक के पारे में फसलों में पौधे कम अंकुरित होते हैं तथा उनमें बढ़वार नहीं होती है। फसलों में पैदावारी कम होती है जिससे किसानों को नुकसान रहता है। मौसम विभाग के पर्यवेक्षक जाट के अनुसार कुछ दिनों से पारे में गिरावट दर्ज की जा रही है।

नगर संवाददाता | सवाई माधोपुर

जिलेमें मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे पारे में और गिरावट दर्ज की गई। इस बार की सर्दी में शुक्रवार का दिन सबसे ठंडा दिन रहा। बादलों के छाए रहने से दोपहर तक सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। इसके बाद तो दोपहर तक सूर्य देव ने लुकाछिपी खेली। चौथ का बरवाड़ा सहित आसपास के क्षेत्र में बूंदा बांदी हुई। जिससे सर्द हवाएं चलने से ठिठुरन बढ़ी। सर्दी तेज होने और बूंदाबांदी होने से यह मौसम रबी की फसलों के लिए काफी लाभदायक रहा।

मौसम विभाग के अनुसार पिछले कई दिनों से अधिकतम तापमान लगभग 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जाता रहा, लेकिन शुक्रवार को पारे में और गिरावट दर्ज की गई। जिससे सर्द हवाएं चली और लोगों की दिनचर्या अस्त व्यस्त रही। लोगों को ऊनी कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। शुक्रवार को सरकारी एवं निजी विद्यालयों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू हुई। इस दौरान छात्र छात्राओं को सर्द हवाओं में स्कूल जाते देखा गया।

मौसम विभाग के पर्यवेक्षक बजरंग लाल जाट के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम 22.6 और न्यूनतम 9.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि गुरुवार को इससे अधिक तापमान दर्ज किया गया था। कृषि विभाग के अधिकारी रामजीत के अनुसार पारे में गिरावट और हो तो फसलों के लिए वह बेहतर मौसम रहेगा।

चौथका बरवाड़ा | क्षेत्रमे शुक्रवार से पहले ठंड नहीं