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नाम वापसी के बाद मनदीप बनी उपप्रधान

6 वर्ष पहले
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श्रीगंगानगर। जिला परिषद श्रीगंगानगर पंचायत समिति में बहुमत खो चुकी कांग्रेस ने रविवार को उपप्रमुख उपप्रधान चुनाव में चुनाव मैदान ही छोड़ दिया। कांग्रेस ने दोनों जगह प्रत्याशी ही खड़े नहीं किए। लिहाजा भाजपा ने निर्विरोध ही उपजिला प्रमुख उपप्रधान बनवा लिए।
सभी नौ पंचायत समितियों की बात करें तो सात पंचायत समितियों में भाजपा तथा एक-एक में कांग्रेस माकपा का उपप्रधान बना। शनिवार को प्रधान के चुनाव में भाजपा ने पांच, कांग्रेस ने तीन और माकपा ने एक पंचायत समिति में विजय हासिल की थी।

श्रीगंगानगर पंचायत समिति के जोन नंबर चार से जीती मनदीप कौर बराड़ निर्विरोध उपप्रधान चुनी गई हैं। हालांकि पहले इस चुनाव में बगावत की आशंका पैदा हो गई थी, लेकिन नेताओं के दखल के बाद स्थिति संभल पाई।
सूत्रों के अनुसार पंचायत समिति में रविवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच उपप्रधान की चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई। मनदीपकौर बराड़ ने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर समर्थकों के साथ उप प्रधान पद के लिए नामांकन दाखिल किया। थोड़ी देर बाद जोन 9 से रणजीत सिंह ने भी भाजपा का नामांकन भरा।
लेकिन बाद में रणजीत सिंह ने पर्चा उठा लिया। चुनाव अधिकारी कैलाश शर्मा ने उपप्रधान को पद गोपनीयता की शपथ दिलाई। उपप्रधान मनदीप कौर ने बताया कि वे गांवों में स्वच्छता अभियान में सहयोग करेंगी। प्रधान की सहमति से संपर्क सड़कें बनाई जाएंगी।

प्रत्याशी के लिए गुरजंट राधेश्याम में समझौता

उपप्रधानप्रत्याशी का चयन भी आसान नहीं था। भाजपा के सूत्र बताते हैं कि इसके लिए विधायक गुरजंटसिंह बराड़ पूर्व विधायक राधेश्याम गंगानगर में समझौता हुआ था। दरअसल, 27 सदस्यीय पंचायत समिति में भाजपा के 19 सदस्य चुने गए। इनमें 12 से 13 सदस्य गुरजंट बराड़ समर्थक तथा पांच से छह सदस्य राधेश्याम के समर्थक थे।
ज्यादा समर्थक होने के कारण दोनों नेताओं में तय हुआ कि प्रधान प्रत्याशी बराड़ समर्थक होगा, जबकि उपप्रधान राधेश्याम समर्थक। उपप्रधान मनदीपकौर बराड़ पूर्व विधायक राधेश्याम समर्थक लाजिंद्रसिंह बराड़ की प|ी हैं।

5 प्रत्याशियों का बना था पैनल

उपजिलाप्रमुख के लिए भी भाजपा नेताओं में सहमति नहीं बन पाई। सब नेता अपने-अपने चहेतों को उपजिला प्रमुख बनवाना चाहते थे। लिहाजा पांच नामों का पैनल बनाकर प्रदेश नेतृत्व को भेजा गया था। इस पैनल में नाजमसिंह, विनोद बिशनोई, श्रवण नंदा, मांगीलाल नक्षत्रसिंह रमाणा के नाम थे। सिख समाज से होने के कारण प्रदेश नेतृत्व ने रमाणा का चुनाव किया।
(रमाणा बने निर्विरोध उपजिला प्रमुख)
श्रीगंगानगर।
श्रीगंगानगर के जोन नंबर 6 से जिला परिषद सदस्य बने नक्षत्र सिंह रमाणा रविवार को निर्विरोध उप जिला प्रमुख चुने गए। उनके सामने कांग्रेस, माकपा या किसी निर्दलीय ने नामांकन नहीं भरा। एक ही फार्म आने पर दोपहर में जिला निर्वाचन अधिकारी आरएस जाखड़ ने रमाणा को विजेता घोषित कर शपथ दिलाई। इससे पहले उपजिला प्रमुख की चुनाव प्रक्रिया जिला परिषद सभागार में शुरू हुई।
भाजपा की ओर से रमाणा ने सुबह 10:42 बजे नामांकन दाखिल किया। निर्धारित सुबह 11 बजे तक किसी अन्य प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। जांच नाम वापसी का समय पूरा होने के बाद दोपहर एक बजे रमाणा को उपजिला प्रमुख निर्वाचित घोषित किया गया। इस मौके पर उनके साथ पूर्व विधायक ओपी महेंद्रा भाजपा नेता प्रहलाद राय टाक भी मौजूद रहे।
रमाणा मूलरूप से श्रीकरणपुर क्षेत्र के चक 12 एफ के निवासी हैं। 55 वर्षीय रमाणा स्नातक हैं और पेशे से आढ़तिए और किसान हैं। भास्कर से बातचीत में उपप्रमुख रमाणा ने कहा कि सरपंचों और प्रधानों के साथ मिलकर गांवों का विकास करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। घड़साना क्षेत्र की समस्याओं को भी प्रमुखता से सदन में रखेंगे।