स्कूलों में हैडमास्टर की भूमिका की जांच
बांसवाड़ा | राज्यप्रारंभिक शिक्षा परिषद और शिक्षा विभाग की ओर से चलाए जा रहे संबलन अभियान के बहाने हैडमास्टरों की स्कूल में भूमिका की जांच हो रही है। संबलन के तहत निरीक्षण-पत्रक में हैडमास्टर को लेकर 10 सवाल तैयार किए गए हैं, जिसकी जानकारी निरीक्षण के दौरान बच्चों से लेनी है। यह बात दीगर है कि निरीक्षणकर्ता हैडमास्टर को लेकर कॉलम को कैसे और किस रूप में भरते हैं।
दूसरी ओर, 13 सवालों में स्कूल की कार्ययोजना से लेकर एसएमसी (स्कूल मैनेजमेंट कमेटी) फंड से राशि का उपयोग समय पर किया है या नहीं। इस तरह से इन सवालों के पीछे एक तरह से शालाप्रधान की पूरी जानकारी इसमें भरी जाती है।दूसरी ओर बुधवार को भी 65 अफसरों ने स्कूलाें का निरीक्षण किया। जिसमें एडीएम नारायणसिंह शेखावत ने दशहरापाड़ा, एसडीएम रुक्मणी रियार ने टेम्बा सुरपुर स्कूल, डीईओ पुष्पेंद्र पंड्या ने नौगामा, एडीपीसी उमेश अधिकारी ने केजीबीवी आबापुरा, एसआईईआरटी से आई उपनिदेशक सूर्यकांता पंचाल ने उमराई, राज्य प्रारंभिक शिक्षा परिषद से आए उपनिदेशक सुभाष कौशिक ने घाटोल, प्रभारी लोकेश व्यास ने ओड़पाड़ा गढ़ी, लोकेश उपाध्याय, साधना जैन आदि ने भी निरीक्षण किया और विविध जानकारियां ली।
6 पेजों का निरीक्षण-पत्र, भरने में लगा आधा घंटा
6पेज के निरीक्षण-पत्र को भरने में आधा घंटे का समय लग रहा है। इसको भरने की जिम्मेदारी निरीक्षणकर्ताओं की ओर से स्कूल के किसी एक शिक्षक को दी। हालांकि विभाग के एडीपीसी ने इस बात से इंकार कर दिया है। उमेश अधिकारी ने बताया कि सभी को स्वयं के द्वारा ही पत्रक को भरने के निर्देश दिए गए थे। इस पत्रक में 11 हिस्से हैं, जो स्कूल की जानकारी दर्शाते हैं।
अब तैयार होगी रिपोर्ट : अभियानके बाद इसकी समग्र रिपोर्ट तैयार की जाएगी। प्रभारी लोकश व्यास ने बताया कि 7 दिनों में इसकी रिपोर्ट कर परिषद भेजी जाएगी। जहां पर रीडिंग कैंपेन को लेकर प्लान तैयार होगा।