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भतीजे की खातिर पैंथर से भिड़ा चाचा, नाखूनों के झपट्टे खूब सहे, पर पैंथर को भगाकर ही माना, संघर्ष में दोनों हुए जख्मी

4 वर्ष पहले
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बांसवाड़ा | 5दिन में पैंथर ने दो हमले कर एक बालक को अपना शिकार बना दिया, जबकि 2 व्यक्तियों को बुरी तरह जख्मी कर दिया। इससे पहले अरथूना के लालपुरा में भी पैंथर हमले में 3 युवक घायल हो गए, लेकिन इंसानों पर पैंथर के हमले की यह नई बात नहीं है। इससे पहले भी पैंथर ने इंसानों पर हमले कर घायल किया तो, कभी पैंथर को भी इंसानों के गुस्से का शिकार भी होना पड़ा है।

इन 3 सालों में ही पैंथर ने आबादी इलाके में घुसकर 17 बार हमले किए हैं। इनमें 6 इंसान घायल हुए, जबकि एक बालक की मौत हो चुकी है। वहीं 20 से अधिक मवेशियों को अपना शिकार बना दिया है। कई बार ग्रामीणों के पैंथर पर पलटवार करने का भी डर बना रहता है। 6 जून को अरथूना के लालपुरा में हुई घटना इसका ताजा उदाहरण है। पैंथर ने हमला कर 3 युवकों को जख्मी कर दिया था। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने पैंथर को ही मार डाला। वन विभाग इन हमलों पर 1 लाख 80 हजार मुआवजा बांट चुका है।

रेस्क्यू कर पकड़े हैं पैंथर, मुआवजा भी दिया

^जिलेके वनक्षेत्रों में पैंथर और जंगली जानवरों की तादाद बढ़ी है। कई बार शिकार की तलाश में पैंथर आबादी इलाकों तक चले आते हैं। पैंथर इंसानों पर हमला कम ही करता है लेकिन उसे लगता है कि उसे खतरा है तो बचाव के लिए कई बार पलटवार करता है। हमारी पूरी कोशिश रहती है कि अगर कोई पैंथर आबादी इलाके घुस आए तो उसे रेस्क्यू कर वहां से पकड़ा जाए। वहीं अगर कोई जनहानि या मवेशी शिकार हो जाता है तो हम पीड़ित को त्वरित आर्थिक मदद दिलवाते हैं।\\\'\\\' -अमरसिंहगोठवाल, उपवन संरक्षक

यहां किए इंसानों पर हमले 2014:21 अप्रैलको आनंदपुरी के कथेरियापाड़ा में पैंथर हमले में 2 युवक घायल, विभाग ने दिया 60 हजार मुआवजा।

2014:7 अगस्तको आंबापुरा के साकड़ीनाल में हमला कर एक महिला और पुरुष को जख्मी कर दिया, 60 हजार मुआवजा दिया।

2017:7 जूनको अरथूना के लालपुरा में पैंथर ने हमला कर 3 युवकों को जख्मी कर दिया। गुस्साये ग्रामीणों ने पैंथर को मार दिया।

2017:10 जुलाईको अरथूना के मलाना पंचायत में पैंथर ने 8 साल के बालक का मुंह नोच डाला, जिससे उसकी मौत हो गई।

2017:14 जुलाईको घाटोल के मियासा गांव में पैंथर ने हमला कर चाचा-भतीजा को गंभीर रूप से घायल कर दिया।

तीनपैंथर मृत मिले, एक को रेस्क्यू कर पकड़ा

2015:13 दिसंबरको घाटोल के खेरडीपाड़ा में नारायण पुत्र अमरजी के कुएं में पैंथर मृत मिला। अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज।

2016:3 मार्चको गढ़ी के आसन गांव में मोंगा मईड़ा के खेत के पास पैंथर मृत मिला। अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज।

2017:23 जनवरीको घाटोल के भागतौल वनक्षेत्र के भुनकी घाटी में 2 पैंथर की लड़ाई में एक की मौत हो गई।

2015:28 फरवरीको सामरिया में एक पैंथर आबादी इलाके नजदीक गया।

भास्कर संवाददाता|बांसवाड़ा/घाटोल

देहातमें घाटोल उपखंड के मियासा गांव में शुक्रवार को खेत में काम कर रहे किशोर पर पैंथर ने हमला कर दिया। बालक के चिल्लाने की आवाज सुनकर पास ही काम कर रहा उसका चाचा दौड़कर पैंथर पर टूटा पड़ा। पैंथर ने कई हमले कर चाचा को लहूलुहान कर दिया, लेकिन भागने की बजाय उसने पैंथर से संघर्ष किया।

उसके नाखूनों के झपट्टे खूब सहे, आखिर पैंथर को हार मानकर जंगल में लौटना पड़ा। पैंथर से इस संघर्ष में चाचा ने भतीजे की जान तो बचा ली, लेकिन दोनों बुरी तरह जख्मी हो गए। जिन्हें जिलास्तरीय महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कीका की नाल क्षेत्र का 16 वर्षीय किशन निनामा शुक्रवार सुबह मिर्च की खेतों में काम कर रहा था। तभी एकाएक झाड़ियों से निकल पैंथर ने उस पर हमला कर दिया। भतीजे की चीख सुनकर पास में काम कर रहा चाचा धूलजी निनामा पुत्र रकमा निनामा ने देखा कि पैंथर उसके भतीजे पर झपट पड़ा। यह देख धूलजी पत्थर फेंकता हुआ भतीजे काे बचाने के लिए पैंथर की ओर दौड़ा और पैंथर पर टूट पड़ा। अपने ऊपर हुए हमले से बौखलाए पैंथर ने भतीजे किशन को छोड़ चाचा धूलजी पर हमला बोल दिया। तकरीबन 10 मिनट तक पैंथर और धूलजी भिड़ते रहे। इस दौरान धूलजी ने पैंथर पर पत्थरों से कई हमले किए, तो पैंथर ने भी अपने नाखूनों से धूलजी के हाथ और सीने पर कई झपट्टे मारे। जिससे वह लहूलुहान हो गया। लेकिन, किशन ने हार नहीं मानी और पैंथर से संघर्ष करता रहा।

इसी बीच ग्रामीण भी खेतों की दौड़े। इसे देख पैंथर जंगल की लौट गया। लेकिन इस हाथापाई में धूलजी को गंभीर चोटें आईं और भतीजा किशन भी बुरी तरह जख्मी हो गया। पैंथर के जंगल की ओर भाग जाने के बाद ग्रामीणों ने दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया।

2दिन पहले भी मवेशी को बनाया शिकार

ग्रामीणोंने बताया कि 2 दिन पहले भी पैंथर ने एक बकरी का शिकार किया था। इससे पहले भी कई मवेशियों का उठा ले गया है। गांव के पास ही वनक्षेत्र होने से पैंथर आए दिन आबादी इलाके में आकर मवेशियों का शिकार करता है लेकिन अब इंसानों पर हमले ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। इत्तला पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पैंथर की तलाश की लेकिन कोई पता नहीं चल पाया। गौरतलब है कि 5 दिन पहले जौलाना के मलाना गांव पैंथर हमले में एक बालक की मौत हो गई थी।

घाटोल. पैंथरके हमले से धूलजी के शरीर पर कई जगह घाव हो चुके थे।

3 साल में पैंथर ने 16 बार हमले कर 6 जने किए जख्मी, एक बालक की मौत, 20 से ज्यादा मवेशियों को बनाया शिकार

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