- Hindi News
- जूनियर को मिला गृह जिला, सीनियर पहुंचे 700 किमी पार
जूनियर को मिला गृह जिला, सीनियर पहुंचे 700 किमी पार
बांसवाड़ा|राजस्थान लोकसेवाआयोग की आेर से 2006 की वरीयता सूची में स्थान बनाने के बाद भी अलवर निवासी एक शिक्षक की नियुक्ति गृहजिले से 700 किमी दूर बांसवाड़ा में कर दी। जबकि शिक्षक की मेरिट से नीचे आने वाले जूनियर अभ्यर्थियों को गृहजिले में पोस्टिंग दे दी। इस मामले में कोर्ट के आदेश को भी शिक्षा विभाग के अधिकारी नहीं मान रहे हैं। यह मामला है कि अलवर निवासी अमरचंद शर्मा का, जो प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अधीन राजकीय प्राथमिक स्कूल रनीबनी बोरखाबर, पंचायत समिति बांसवाड़ा में कार्यरत है। आरपीएससी से चयनित शर्मा का मेरिट क्रमांक 9252 है। इनसे नीचे के क्रमांक वाले लोगों को सरकार ने मूल जिला ही दिया है। शर्मा ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर जांच की भी मांग की और अपनी जगह बदलने का आग्रह किया, लेकिन इस प्रार्थना-पत्र पर कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे कई कई केस हैं, जिनकी नियुक्तियां मेरिट में काफी नीचे होने के बावजूद उन्हें गृह जिले में ही लगा दिया है।
जनसुनवाईमें दिया पत्र पहले स्वीकृत, बाद में निरस्त
अपनीव्यथा को लेकर अमरचंद शर्मा ने पिछले महीने घाटोल में जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री के हाथों में प्रार्थना-पत्र दिया था। इस पर जांच करने के निर्देश दिए थे। इस प्रार्थना-पत्र को अफसरों ने पहले जांच योग्य माना, बाद में निरस्त कर दिया गया। जब जानकारी के लिए विभाग के पास गए तो उनके नाम से कोई भी प्रार्थना पत्र लंबित होना नहीं बताया गया।
बेटेको गंवा चुके : अपनेनिवास से लंबी दूरी का खामियाजा अमरचंद ने अपने बेटे को खोकर भुगता है। उन्होंने बताया कि करीब तीन साले उसके बेटे का एक्सीडेंट हो गया था, लेकिन लंबी दूरी की वजह से वे समय से नहीं पहुंच पाए। वे अपने बेटे की जान गंवा चुके है। उनके पिता भी हार्ट पेशेंट हैं। यह बात वे उच्चाधिकारियों को भी बता चुके है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि उनके पास इसमें कोई अधिकार नहीं है।
कोर्टके आदेश भी नहीं माने : प्रार्थीने 2009 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस मामले में न्याय मांगा था। हाईकोर्ट ने अर्जी को स्वीकार करते हुए उस पर सुनवाई की। जिसमें निर्णय देते हुए हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए है कि प्रार्थी की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राहत दें, ताकि वह अपनी जिम्मेदारियों का भी निर्वहन कर सके।
सीएमओमें दर्ज कराएं शिकायत : पूर्वश