बांसवाड़ा | कांग्रेस की रेशम मालवीया लगातार दूसरी बार जिला प्रमुख बन गई है। शनिवार को सुबह पार्टी अध्यक्ष चांदमल जैन, महेंद्रजीतसिंह मालवीया के साथ रेशम मालवीया ने जिला निर्वाचन अधिकारी प्रकाश राजपुरोहित के समक्ष जिला प्रमुख पद की दावेदारी की।
भाजपा द्वारा उम्मीदवार मैदान में उतारने से 3 बजे सभी जिला परिषद सदस्यों से मतदान कराया गया, जिसमें कांग्रेस की रेशम को 21 और भाजपा के किशोरीलाल को 10 वोट मिले। कलेक्टर ने रेशम को 11 मतों से विजयी घोषित किया।
पूर्व में रेशम के निर्विरोध निर्वाचित होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन पौने 11 बजे ही भाजपा जिलाध्यक्ष मनोहर पटेल, विधायक धनसिंह रावत और जिला परिषद सदस्य बने गोविंदसिंह राव उम्मीदवार किशोरीलाल को लेकर पहुंचे और नामांकन भरा। बाद में हुए मतदान के बाद मतगणना और आखिर में कलेक्टर ने पद-गोपनीयता की शपथ दिलाई।
7 फरवरी को प्रकाशित
छाए रहे धनसिंह, बांसवाड़ा में बचाया अपना वजूद
कलेक्ट्री परिसर में शनिवार को ही प्रधान के पद के भी चुनाव हो रहे थे। उपखंड कार्यालय में बांसवाड़ा पंचायत समिति के लिए प्रधान का चुनाव हुआ। इस दौरान विधायक धनसिंह ने प्रधान के दावेदार दुधालाल के साथ पहुंचकर नामांकन दाखिल कराया। इस दौरान एक ही बात की चर्चा थी कि विधायक ने बांसवाड़ा में अपना प्रधान बनवाकर अपना वजूद बनाए रखा है। इस मौके पर सांसद मानशंकर को लेकर भी चर्चा रही कि घाटोल में आखिर अपनों के विरोध के बाद भी हरेंद्र को प्रधान बनवा दिया।
जीत का श्रेय किसे देना चाहेंगी
जीत का श्रेय आम जनता, किसान, महिलाएं, युवा, पार्टी नेता और पूर्व विधायक कांता भील, अर्जुन बामणिया, जिलाध्यक्ष चांदमल जैन और पूर्वमंत्री महेंद्रजीतसिंह मालवीया को देना चाहती हूं।
{विकास के कामों के लिए क्या करेंगी।
हमें संघर्ष करना पड़ेगा। सरकार भाजपा की है। हम बजट -फंड के लिए चाहे जो भी करना पड़े, किसी भी हद तक जाना पड़े, जाएंगे। विकास नहीं रुकनें देंगे।
आपकी प्राथमिकता क्या रहेगी
नई पंचायत समितियों को आत्मनिर्भर बनाने में एक समान दृष्टि से ही विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही आम नागरिक का हर काम हो, यह उनका ध्येय वाक्य रहेगा।
अब तक रहे जिला प्रमुख
नटवरलालभट्ट 2-10-1959
केशवचंद्र भ्राता 6-3-1961
छगनलाल नेमा 1-3-1965
प्रभुलाल रावत 7-1-1982
पवन कुमार रोकड़िया 12-1-1985
जिथिंगभाई 27-7-1988
लक्ष्मी निनामा 13-2-1995
महेंद्रजीतसिंह मालवीया 11-2-2000
-महेंद्रजीतसिंह मालवीया 10-2-05
रेशम मालवीया फरवरी 2010
रेशम मालवीया 7-2-2015
प्रमुख के चुनाव के बाद उप जिला प्रमुख के लिए बाड़ाबंदी की गई।
काग्रेस कमेटी के बाहर लगी भीड़ और जश्न मनाते कांग्रेस कार्यकर्ता। इस दौरान कलाकारो द्वारा गवरी नृत्य पेश किया गया।
इन्हें मिले इतने वोट
भाजपा- 3लाख 16 हजार 077 वोट
कांग्रेस- 3लाख 35 हजार 900 वोट
निर्दलीय- 27हजार 485 वोट
नोटा- 4714वोट हार-जीतका अंतर - 19हजार 823 वोट
सबसे बड़ी जीत : जिलापरिषद सदस्याें के चुनाव में सबसे बड़ी जीत भाजपा की संगीता ने हासिल की है। संगीता ने कांग्रेस की केसर कुमारी को 7745 मतों से हराया है।
सबसे कम हार : भाजपा की सदस्य पारी की सबसे कम वोटों से हार हुई है। कांग्रेस की दरिया देवी ने भाजपा की पारी को 273 वोटों से हराया है। यहीं अंतर सबसे कम रहा है।
2 फीसदी वोटों से प्रमुख का चुनाव हारी भाजपा
कांग्रेस के मुकाबले में भाजपा केवल 2.02 प्रतिशत वोट कम मिलने की वजह से 11 सीटें हार गई। कांग्रेस ने 34.38 प्रतिशत वोट हासिल कर भाजपा की तुलना में 11 सीटें ज्यादा जीती और जिला प्रमुख का पद यथावत बनाए रखा। भाजपा को 32.36 प्रतिशत वोट मिले। निर्वाचन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जिलास्तर पर भाजपा और कांग्रेस के बीच हार-जीत का अंतर केवल 19 हजार 823 वोटों का रहा।
गढ़ी में फैले भ्रष्टाचार की जांच कराएंगे
बांसवाड़ा। जिला प्रमुख बनने के बाद भास्कर से रेशम मालवीया ने कई मुद्दों पर खुलकर बात की। उनका कहना था कि विरोधी पार्टी की सत्ता होने के बावजूद आम जनता ने कांग्रेस पर भरोसा जताया है, इसलिए 5 साल तक जनता के हित में ही काम किया जाएगा। भाजपा के सत्ता में आने के बाद जिला परिषद-पंचायत समितियों में फैले भ्रष्टाचार के मामले में कड़ा एक्शन लिया जाएगा। गढ़ी पंचायत समिति के बारे में उन्होंने कहा कि वहां सरपंचों और सचिवों को ब्लैकमेल किया जा रहा है। भाजपा की सरकार बनने के बाद ही यह शिकायतें आने लगी है। हम जांच करवाएंगे। इसके लिए टीम बनाकर तह तक जाने का प्रयास किया जाएगा।
चौथी बार भी मालवीया परिवार
बांसवाड़ा। जिलाप्रमुख की कुर्सी पर लगातार चौथी बार मालवीया परिवार का कब्जा रहा है। रेशम मालवीया दूसरी बार जिला प्रमुख निर्वाचित हुईं। उनसे पहले उनके पति महेंद्रजीत सिंह मालवीया दो बार लगातार जिला प्रमुख रह चुके हैं। गौरतलब है कि मालवीया ने मंत्री बनने के बाद पत्नी रेशम मालवीया को जिला प्रमुख बनवाया और इस बार विधायक और कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष रहते हुए रेशम मालवीया को दूसरी बार जिला प्रमुख बनवाया।