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संगममति माताजी के गणिनी दिवस पर शांतिविधान

6 वर्ष पहले
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घाटोल| कस्बेके सकल दिगंबर जैन मंदिर प्रांगण में आचार्य सिद्धांत सागरजी महाराज की परम शिष्या आर्यिका संगममति माताजी का 8वां गणिनी एवं 44वां जन्म दिवस मनाया गया।

इस मौके पर आर्यिका के सानिध्य में पं. मनोहरलाल पारसोलिया एवं पं. अजीत लालावत ने मंत्रोच्चार के साथ शांति विधान सम्पन्न कराया। जिसमें 108 श्रावक श्राविका� ने अर्घ्य समर्पित कर पुण्यलाभ लिया। इससे पूर्व प्रातः श्रीजी की शांतिधारा की गई।जिसका सौभाग्य तलाटी विनोद कुमार के परिवार को प्राप्त हुआ। चित्र अनावरण का सौभाग्य डुंगरपुर के धर्मांशु गांधी, शास्त्र भेंट का सौभाग्य जयोदय महिला मंडल एवं पिच्छी कमंडल भेंट का सौभाग्य सकल दिगंबर जैन समाज को प्राप्त हुआ। देर शाम को बच्चों द्वारा धर्म से �ओत प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इस मौके धर्मसभा में आर्यिका संगममति माताजी ने अच्छाइयां अपनाने तथा बुराइयों से बचने का आव्हान करते हुए कहा कि सद्गुण वं सद् व्यवहार व्यक्ति की जीवन शैली को परिभाषित करते है। संस्कारों से परिपूर्ण शिक्षा एवं ज्ञान व्यक्ति को जीवन के हर कदम पर सम्मान एवं सफलता दिलाते है।जिसमें गुरु की महती भूमिका होती है।

आर्यिका संगममति माताजी के गणिनी दिवस पर मौजूद माताजी और श्रद्धालु।